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ऑपरेशन सिंदूर को लेकर फेक वीडियो के जरिए आर्मी चीफ को बदनाम करने की साजिश, PIB फैक्ट चेक में सामने आया सच

army chief fake video: आर्मी चीफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी का फर्जी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। ऑपरेशन सिंदूर पर पाकिस्तान वाला बयान पूरी तरह झूठ साबित हुआ है।
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May 21, 2026
Indian Army Chief General Upendra Dwivedi
भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी। ( फोटो: ANI)

हाल ही में सोशल मीडिया पर भारतीय सेना के प्रमुख उपेंद्र द्विवेदी का एक वीडियो रिलीज किया गया था, जिसके जरिए देश में जनता को भड़काने और दुनिया भर को गलत जानकारी देने की कोशिश की गई थी। अब उस वीडियो को लेकर पीआईबी फैक्ट चेक में बड़ा खुलासा हुआ है। फैक्ट चेक में वीडियो को फर्जी बताया गया है।

क्या हुआ था वायरल?

बता दें कि सोशल मीडिया पर जो वीडियो वायरल हुआ, उसमें सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी यह कहते हुए आ रहे हैं कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान का जवाब इतना खतरनाक हो सकता है, इसका अंदाजा भारत को नहीं था। लेकिन यह पूरी तरह से झूठ है।

पीआईबी फैक्ट चेक ने साफ-साफ कहा है कि यह क्लेम फेक है। आर्मी चीफ ने ऐसा कोई बयान कभी नहीं दिया। असली वीडियो में उनकी बात कुछ और थी।

मूल वीडियो क्या कहता है?

यूट्यूब पर उपलब्ध आर्मी चीफ का पूरा कार्यक्रम देखने पर साफ पता चलता है कि उन्होंने पाकिस्तान या किसी ऑपरेशन के बारे में ऐसी कोई कमजोरी वाली बात नहीं कही।

बल्कि उन्होंने भारतीय सेना की तैयारियों और सतर्कता पर जोर दिया था। फर्जी वीडियो में क्लिप को चालाकी से एडिट किया गया है, आवाज जोड़ी गई है और संदर्भ बदल दिया गया है। यह तरीका पुराना है लेकिन अब भी कई लोग आसानी से फंस जाते हैं।

क्यों फैलाया जा रहा है यह वीडियो?

देश में जब भी सीमा पर तनाव होता है या कोई सैन्य कार्रवाई की चर्चा चलती है, तब ऐसे फर्जी वीडियो तेजी से वायरल होते हैं। इसका मकसद साफ है - लोगों में भ्रम पैदा करना, सेना की विश्वसनीयता पर सवाल उठाना और पाकिस्तान की ताकत को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाना।

इसका टार्गेट खासकर युवा और ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोग होते हैं, जो व्हाट्सएप और फेसबुक पर ज्यादा समय बिताते हैं, वे आसानी से इस जाल में फंस जाते हैं।

पहले भी हो चुके हैं ऐसे मामले

यह पहला मामला नहीं है। पहले भी रक्षा मंत्री, आर्मी चीफ और अन्य अधिकारियों के फर्जी बयानों के वीडियो आए हैं। कुछ में आवाज की नकल की जाती है तो कुछ में डीपफेक टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल होता है। सरकार और सेना बार-बार अपील करती है कि कोई भी संवेदनशील खबर पहले आधिकारिक स्रोत से ही जांच लें।

ऐसे वीडियो देश की सुरक्षा के लिए खतरा

जनरल उपेंद्र द्विवेदी की मेहनत और नेतृत्व से भारतीय सेना मजबूत हो रही है। ऐसे फर्जी वीडियो न सिर्फ उनकी छवि खराब करते हैं बल्कि पूरे राष्ट्र की सुरक्षा और एकता पर हमला हैं। आज के डिजिटल जमाने में हर नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह फेक न्यूज का साथ न दे।

Updated on:
21 May 2026 05:22 pm
Published on:
21 May 2026 05:18 pm