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Cockroach Janata Party को लेकर आया नया अपडेट, दो लोगों ने पार्टी रजिस्ट्रेशन के लिए किया अप्लाई

Cockroach Janata Party को लेकर नया अपडेट सामने आ गया है। दो अलग-अलग लोगों ने नाम रजिस्टर करने के लिए अप्लाई किया है। आपको बता दें कि कुछ घंटों पहले ही इस पार्टी का 'X' अकाउंट बंद कर दिया गया था। हालांकि कुछ ही देर में Cockroach is Back नाम से नया अकाउंट भी बन गया।

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भारत

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Anurag Animesh

May 21, 2026

Cockroach Janata Party latest news

कॉकरोच जनता पार्टी

Cockroach Janata Party सोशल मीडिया पर जमकर सुर्खिया बटोर रही हैं। अब इस मामले में नया अपडेट सामने आया है। कंट्रोलर जनरल ऑफ पेटेंट्स, डिजाइन्स एंड ट्रेडमार्क्स वेबसाइट के अनुसार, दो अलग-अलग लोगों ने नाम रजिस्टर करने के लिए अप्लाई किया है। इंटरनेट पर मीम्स और राजनीतिक प्रतिक्रिया के बाद अब इसमें कानूनी मोड़ आ गया है। हालांकि, अभी तक किसी का भी ट्रेडमार्क मंजूर नहीं हो पाया है। अभी इन एप्लीकेशन की डिटेल जांच होगी उसके बाद ही यह तय होगा कि इस नाम पर किसे अधिकार मिलेगा।

बंद कर दिया गया था 'X' अकाउंट


Cockroach Janata Party का 'X' पर अकाउंट बंद कर दिया है। जिसके बाद इस खबर ने भी सुर्खियां बटोरी थी। अकॉउंट बंद होने के बाद 'Cockroach is Back' नाम से नया अकाउंट बना दिया गया था। खास बात ये है कि इसके बायो में लिखा गया मैसेज, 'Cockroaches Don’t Die, सोशल मीडिया पर खूब शेयर किया जा रहा है। नया अकाउंट बनने से यह मैसेज गया कि यह ऑनलाइन अभियान फिलहाल रुकने वाला नहीं है।

कौन हैं इसके फाउंडर?


Cockroach Janata Party के फाउंडर की बात करें तो अभिजीत दीपके इस पार्टी के फाउंडर हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के माने तो अभिजीत एक पॉलिटिकल कम्युनिकेशन स्ट्रैटजिस्ट हैं। इन्होंने पुणे से अपनी पढ़ाई की है। जर्नलिज्म में अभिजीत दीपके ने ग्रैजुएशन किया है। रिपोर्ट्स के अनुसार अभिजीत अभी बोस्टन यूनिवर्सिटी में पब्लिक रिलेशन पढ़ रहे हैं।

कहां से शुरू हुआ यह अभियान?


आपको बता दें कि कुछ दिनों पहले एक मामले की सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस ऑफ़ इंडिया सूर्यकांत ने बयान दिया था कि बेरोजगार युवा कॉकरोच की तरह होते हैं। उन्होंने कहा था कि बेरोजगार युवा मीडिया या सोशल मीडिया ज्वाइन कर लेते हैं। कुछ एक्टिविस्ट बन जाते हैं। जिसके बाद ये सिस्टम पर अटैक करना शुरू कर देते हैं। सीजेआई के इस बयान पर देशभर में बवाल मच गया था। जिसके बाद ही यह मुहीम शुरू की गई।