
Arvind Kejriwal On E20 and Sugar Price Hike: आम आदमी पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने देश में बढ़ती चीनी की कीमतों को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने देश में चीनी की बढ़ती कीमतों को सीधे तौर पर गन्ने से एथेनॉल उत्पादन से जोड़ा और आरोप लगाया कि सरकार की गलत नीतियों के कारण घरेलू स्तर पर आपूर्ति का संकट खड़ा हो गया है।
केजरीवाल ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि सरकार ने कच्चे तेल के आयात पर खर्च होने वाली विदेशी मुद्रा बचाने के लिए गन्ने से एथेनॉल बनाने को बढ़ावा दिया। उनके मुताबिक, इससे घरेलू बाजार में चीनी की उपलब्धता प्रभावित हुई और अब सरकार को चीनी आयात करने पर विचार करना पड़ रहा है।
केजरीवाल ने कहा कि तेल आयात पर विदेशी मुद्रा बचाने के लिए गन्ने से एथेनॉल बनाया गया। इसके चलते चीनी की कमी हुई और अब उसी विदेशी मुद्रा का इस्तेमाल चीनी आयात करने में किया जाएगा। उन्होंने सरकार की नीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह ऐसा फैसला है जिसमें आगे क्या होगा, इसका अंदाजा नहीं लगाया गया।
केजरीवाल ने सरकार पर तीखी टिप्पणी करते हुए उसे अनपढ़ों की सरकार तक कह दिया।
केजरीवाल का यह बयान ऐसे समय आया है जब घरेलू बाजार में चीनी की कीमतों में बढ़ोतरी देखी जा रही है। त्योहारों के सीजन से पहले बाजार में आपूर्ति बढ़ाने के लिए सरकार की तरफ से कुछ कदमों पर विचार किए जाने की खबरें हैं। इनमें सीमित मात्रा में चीनी आयात और चीनी के स्टॉक की सीमा को सख्त करना जैसे विकल्प शामिल हैं।
केजरीवाल इससे पहले भी E20 पेट्रोल को लेकर केंद्र सरकार की नीति पर सवाल उठाते रहे हैं। आम आदमी पार्टी ने एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल के इस्तेमाल को लेकर ज्यादा जानकारी सार्वजनिक करने और वाहनों की अनुकूलता से जुड़े परीक्षणों का विवरण देने की मांग की है।
केजरीवाल ने एक वीडियो में दावा किया कि E20 के खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों की सोशल मीडिया सामग्री हटाई जा रही है और कुछ लोगों के खिलाफ FIR भी दर्ज की जा रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि इस तरह कितने लोगों की आवाज दबाई जा सकती है। AAP ने यह भी मांग की है कि पेट्रोल पंपों पर ग्राहकों को सामान्य पेट्रोल और एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल के बीच विकल्प दिया जाए।
केंद्र सरकार ने E20 पेट्रोल को लेकर वाहनों के माइलेज में कमी के आरोपों को खारिज किया है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय का कहना है कि E20 का व्यापक परीक्षण किया गया है। मंत्रालय के मुताबिक, किसी वाहन की वास्तविक ईंधन दक्षता केवल पेट्रोल पर निर्भर नहीं करती। ड्राइविंग का तरीका, ट्रैफिक की स्थिति, वाहन का रखरखाव, टायरों में हवा का दबाव और एयर कंडीशनर का इस्तेमाल जैसे कई कारक माइलेज को प्रभावित करते हैं।