राष्ट्रीय

आसाराम की अंतरिम जमानत पर सुप्रीम कोर्ट में मामला अटका, अब स्वास्थ्य रिपोर्ट पर टिकी निगाहें

जोधपुर में नाबालिग लड़की से दुष्कर्म के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे आसाराम की अंतरिम जमानत याचिका पर मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट ने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) के निदेशक को एक विशेष मेडिकल बोर्ड का गठन करने का निर्देश दिया है।
2 min read
Jul 21, 2026
Asaram Case Update
आसाराम। फाइल फोटो- पत्रिका

Asaram Bail Hearing Supreme Court : नई दिल्ली। जोधपुर में नाबालिग लड़की से दुष्कर्म के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे आसाराम की अंतरिम जमानत याचिका पर मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट ने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) के निदेशक को एक विशेष मेडिकल बोर्ड का गठन करने का निर्देश दिया है। यह बोर्ड मेडिकल आधार पर जमानत की मांग कर रहे आसाराम के स्वास्थ्य की विस्तृत जांच करेगा।

जस्टिस एम. एम. सुंदरेश और जस्टिस पी. बी. वराले की पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए मेडिकल बोर्ड को एक सप्ताह के भीतर अपनी जांच रिपोर्ट सौंपने के आदेश दिए हैं।

बता दें कि 17 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान राजस्थान सरकार को निर्देश दिया था कि वह आसाराम की मेडिकल रिपोर्ट की जांच कर यह बताए कि क्या उनकी स्वास्थ्य स्थिति वास्तव में इतनी गंभीर है कि उन्हें इलाज के लिए कुछ समय की अंतरिम जमानत दी जानी चाहिए।

'अयोध्या और काशी विश्वनाथ में पैदल चले'

राजस्थान सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया था कि फिलहाल आसाराम की स्वास्थ्य स्थिति ठीक है। उन्होंने कहा कि करीब तीन महीने पहले आसाराम अयोध्या और काशी विश्वनाथ गए थे, जहां उन्होंने पैदल घूमकर दर्शन किए थे।

21 जुलाई तक जवाब दाखिल करने का दिए थे निर्देश

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि यदि मेडिकल रिपोर्ट से यह साबित होता है कि आसाराम की हालत वास्तव में गंभीर है, तो अदालत नहीं चाहती कि उनके साथ कोई अनहोनी हो। कोर्ट ने कहा था कि जरूरत पड़ने पर सिर्फ इलाज के उद्देश्य से सीमित अवधि के लिए अंतरिम जमानत देने पर विचार किया जा सकता है।

जानें क्या है मामला

गौरतलब है कि वर्ष 2013 में जोधपुर स्थित अपने आश्रम में एक नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म के आरोप में आसाराम को 1 सितंबर 2013 को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद लंबी सुनवाई चली और अप्रेल 2018 में जोधपुर की विशेष अदालत ने उन्हें दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। इसके बाद से ही वह जेल में बंद हैं। हालांकि इस फैसले को चुनौती देते हुए आसाराम ने राजस्थान हाईकोर्ट में अपील की। हाईकोर्ट में 16 फरवरी से 20 अप्रेल 2026 तक सुनवाई हुई। सभी पक्षों की दलीलें पूरी होने के बाद अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।

Updated on:
21 Jul 2026 04:18 pm
Published on:
21 Jul 2026 04:18 pm
Also Read
View All