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रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने की बड़ी घोषणा: अब जन्म से 40% दिव्यांगों को मिलेगी पेंशन

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 11.40 लाख रेलकर्मियों को 78 दिन का दिवाली बोनस देने, 1.65 लाख रिक्त पदों पर भर्ती और जन्म से 40% दिव्यांगों को पेंशन देने की घोषणा की।
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दिवाली से पहले रेलवे का तोहफा: बोनस, बंपर भर्ती और दिव्यांगों के लिए पेंशन, Photo Source@Patrika

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट ब्रीफिंग के दौरान घोषणा करते हुए कहा कि, 'अब दिव्यांग लोगों को जन्म से ही पेंशन योजना का लाभ मिलेगा। इसका मतलब है कि दिव्यांग लोगों के लिए सोशल सिक्योरिटी का दायरा दो तरह से बढ़ेगा। पहला, पात्रता की सीमा को कम करके और दूसरा, लाभार्थियों की संख्या में काफी बढ़ोतरी करके।'

दिव्यांग पेंशन पाने की पात्रता सीमा घटाई

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, 'आज पहला फैसला रेलवे कर्मचारियों के लिए 78 दिन के बोनस को मंजूरी देने का लिया गया, जिससे लगभग 11.4 लाख कर्मचारियों को फायदा होगा। दूसरा, दुनिया के सबसे व्यापक सोशल सिक्योरिटी नेट में से एक का विस्तार किया गया है और इसे 2031 तक बढ़ा दिया गया है। इस विस्तारित सोशल सिक्योरिटी नेट के लिए कुल 53,428 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। दिव्यांग लोगों के लिए, दिव्यांगता पेंशन पाने की पिछली पात्रता सीमा 80 प्रतिशत दिव्यांगता थी। अब इस सीमा को घटाकर आधा यानी 40 प्रतिशत कर दिया गया है, जिसका मतलब है कि 40 प्रतिशत दिव्यांगता वाले लोग भी दिव्यांगता पेंशन पाने के पात्र होंगे।'

होल्डिंग वैल्यू में बढ़ोतरी की उम्मीद

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि, रेलवे में रीस्ट्रक्चरिंग के तहत, भारत सरकार और लाइफ इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (LIC) मिलकर IDBI में 34 प्रतिशत हिस्सेदारी बनाए रखेंगे। रीस्ट्रक्चरिंग के बाद बनी कंपनी में यह हिस्सेदारी बनाए रखने से भारत सरकार और LIC, दोनों की होल्डिंग की वैल्यू में काफी बढ़ोतरी होने की उम्मीद है।

इससे IDBI और फाइनेंशियल सर्विस सेक्टर में नई पूंजी आएगी। साथ ही, विकास के नए मौके भी बनेंगे, खासकर MSME, छोटे उद्योगों, नए उद्यमियों, सर्विस सेक्टर में आने वाले लोगों और अपने कारोबार का विस्तार करने वाले व्यवसायों के लिए। इसके अलावा, इस रीस्ट्रक्चरिंग से भारत के फाइनेंशियल सर्विस सेक्टर में विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (FDI) को आकर्षित करने के बड़े मौके भी बनेंगे।

ग्रोथ कैपिटल के काफी जरूरत

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि, तीसरा बड़ा फैसला फाइनेंस की दुनिया से जुड़ा है, और खासकर IDBI से, जो MSME और नए उद्योगों के विकास के लिए एक बहुत महत्वपूर्ण संस्थान है। IDBI को रणनीतिक रूप से रीस्ट्रक्चर करने का फैसला लिया गया है। जैसे-जैसे भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है, ग्रोथ कैपिटल की काफी जरूरत है। आने वाले सालों में काफी कैपिटल की जरूरत होगी, और विकास के कई मौके सामने आ रहे हैं।

पिछली तिमाही में भारत की GDP में 7.8 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। आपने यह भी देखा होगा कि इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड (IMF) और वर्ल्ड बैंक, दोनों ने भारत के लिए अपने विकास के अनुमानों को बेहतर किया है और पहले के अनुमानों की तुलना में उन्हें बढ़ाया है। IMF ने मौजूदा वित्त वर्ष में भारत के लिए 7 प्रतिशत विकास का अनुमान लगाया है। यह भारत में दुनिया के ज़बरदस्त भरोसे और उम्मीद को दिखाता है, और उम्मीद है कि इस फैसले और IDBI के रीस्ट्रक्चरिंग से इसके ठोस नतीजे सामने आएंगे।

Updated on:
14 Oct 2026 04:58 pm
Published on:
14 Oct 2026 04:22 pm
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