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India 5G Technology: भारत बना टेलीकॉम की दुनिया का छठा खिलाड़ी, 3.5 साल में तैयार किया अपना 4G नेटवर्क सिस्टम

India 4G Telecom Stack: दुनिया के चुनिंदा देशों और कंपनियों के दबदबे वाले दूरसंचार बाजार में भारत ने अपनी जगह बनाई है। अब सवाल है कि क्या स्वदेशी तकनीक की यह पहल 5G और भविष्य की संचार प्रणालियों में भी देश को नई पहचान दिला पाएगी?
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भारत

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Manoj Vashisth

•

Oct 14, 2026

India 5G Technology

India 5G Technology: अश्विनी वैष्णव का बड़ा बयान: एक लाख से ज्यादा टावरों पर काम कर रहा भारत का स्वदेशी 4G सिस्टम (फोटो सोर्स: ANI)

India 4G Telecom Stack: दूरसंचार तकनीक के वैश्विक बाजार में भारत ने अपनी मौजूदगी दर्ज कराने की दिशा में अहम कदम उठाया है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा है कि देश ने सीमित संसाधनों के बावजूद स्वदेशी तकनीक के दम पर ऐसा 4G टेलीकॉम सिस्टम विकसित किया है, जो अब एक लाख से अधिक टावरों पर काम कर रहा है। भारत की इस उपलब्धि के साथ ही सरकार ने अनुसंधान एवं विकास (R&D) पर खर्च बढ़ाने और नई तकनीक में निवेश की प्राथमिकताएं तय करने पर भी जोर दिया है।

दुनिया के चुनिंदा देशों और कंपनियों के दबदबे वाले दूरसंचार बाजार में भारत ने अपनी जगह बनाई है। अब सवाल है कि क्या स्वदेशी तकनीक की यह पहल 5G और भविष्य की संचार प्रणालियों में भी देश को नई पहचान दिला पाएगी?

India 4G Telecom Stack: 3.5 साल में खड़ी कर दी पूरी तकनीकी व्यवस्था, अब दुनिया के सामने भारत की चुनौती

भारत केवल दूरसंचार सेवाओं का बड़ा बाजार बनकर नहीं रहना चाहता, बल्कि अत्याधुनिक संचार तकनीक विकसित करने वाले देशों की कतार में भी अपनी जगह मजबूत कर रहा है। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम में बताया कि भारत ने सरकारी और निजी क्षेत्र की साझेदारी से अपना संपूर्ण 4G टेलीकॉम स्टैक महज साढ़े तीन साल में विकसित किया। यह तकनीकी ढांचा अब एक लाख से अधिक टावरों पर तैनात है।

मंत्री के मुताबिक, वैश्विक स्तर पर एंड-टू-एंड टेलीकॉम स्टैक विकसित करने की क्षमता लंबे समय से कुछ चुनिंदा देशों तक सीमित रही है। उन्होंने चीन के दो, दक्षिण कोरिया के एक और यूरोप के दो प्रमुख तकनीकी खिलाड़ियों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत के प्रवेश से इस क्षेत्र में छठा खिलाड़ी सामने आया है। वैष्णव ने दावा किया कि भारतीय प्रणाली की क्षमताएं बेहतर हैं और इसकी लागत भी काफी कम है।

R&D पर खर्च बढ़ाने की जरूरत

वैष्णव ने जोर दिया कि भारत को अनुसंधान एवं विकास पर निवेश बढ़ाने के साथ-साथ उसके काम करने के तरीके में भी बदलाव करना होगा। उनके अनुसार, केवल शोध बजट बढ़ाना पर्याप्त नहीं है; ऐसे क्षेत्रों की पहचान जरूरी है, जहां अनुसंधान का व्यावहारिक उपयोग हो सके और उसका सीधा लाभ उद्योग तथा आम लोगों तक पहुंचे।

उन्होंने कहा कि उपलब्ध पूंजी सीमित होने के कारण सरकार को निवेश सोच-समझकर उन क्षेत्रों में करना चाहिए, जहां कम संसाधनों से बेहतर नतीजे हासिल किए जा सकें। 4G नेटवर्क का उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि सरकार और निजी क्षेत्र के संयुक्त प्रयासों ने जटिल तकनीकी लक्ष्य को निर्धारित समय में पूरा करने में मदद की।

4G से 5G तक का रास्ता कितना अहम?

स्वदेशी 4G स्टैक की एक बड़ी विशेषता यह है कि इसे आगे चलकर 5G तकनीक के अनुरूप उन्नत करने की योजना के साथ विकसित किया गया है। इससे भारत को नेटवर्क तकनीक के लिए पूरी तरह विदेशी प्रणालियों पर निर्भर रहने की जरूरत कम करने में मदद मिल सकती है। हालांकि, वैश्विक बाजार में मजबूत जगह बनाने के लिए तकनीकी विश्वसनीयता, सुरक्षा, बड़े पैमाने पर विस्तार और अंतरराष्ट्रीय ग्राहकों का भरोसा भी अहम होगा।