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धुबरी में बनेगा पूर्वोत्तर का सबसे बड़ा थर्मल पावर प्रोजेक्ट, 25 हजार लोगों को मिलेगा रोजगार

Assam News: असम के धुबरी जिले के छापर में 3,200 मेगावाट क्षमता वाले थर्मल पावर प्रोजेक्ट की आधारशिला रखी गई। करीब 48 हजार करोड़ रुपये के निवेश वाली इस परियोजना से हजारों रोजगार पैदा होने और क्षेत्र के औद्योगिक व आर्थिक विकास को गति मिलने की उम्मीद है।
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Sep 20, 2026
CM Himanta Biswa Sarma
असम सीएम हिमंत बिस्व सरमा (Photo-ANI)

Himanta Biswa Sarma Chhapar Power Project: असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने धुबरी जिले के छापर में 3,200 मेगावाट क्षमता वाले कोयला आधारित थर्मल पावर प्रोजेक्ट की आधारशिला रखी। सीएम ने इसे राज्य के ऊर्जा क्षेत्र में नए अध्याय की शुरुआत बताया। उन्होंने कहा कि यह परियोजना न केवल असम, बल्कि पूरे पूर्वोत्तर भारत की सबसे बड़ी थर्मल पावर परियोजना होगी।

इस दौरान सीएम सरमा ने कहा कि अडानी समूह इस परियोजना में करीब 48 हजार करोड़ रुपये का निवेश करेगा। उन्होंने इसे असम में अब तक का सबसे बड़ा औद्योगिक निवेश बताया। सरमा ने कहा कि धुबरी जैसे अपेक्षाकृत पिछड़े जिले में इतनी बड़ी औद्योगिक परियोजना आने से क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास को गति मिलेगी।

निर्माण के दौरान 25 हजार लोगों को मिलेगा काम

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि परियोजना के निर्माण के दौरान करीब 25 हजार लोग काम करेंगे। उन्होंने कहा कि इसमें बड़ी संख्या में इंजीनियरों और युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे।

उन्होंने बताया कि परियोजना पूरी होने के बाद करीब 5 हजार लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से नियमित रोजगार मिलने की संभावना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तरह के बड़े निवेश से पूरे क्षेत्र में व्यापक आर्थिक बदलाव देखने को मिल सकता है।

हर परिवार तक बिजली पहुंचाने का लक्ष्य

मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि असम सरकार राज्य के हर परिवार तक बिजली पहुंचाने की दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि कार्बी आंगलोंग की पहाड़ियों से लेकर धुबरी जिले के चार-चापोरी क्षेत्रों तक बिजली आपूर्ति को विस्तार दिया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि पहले असम में ट्रेनें डीजल से चलती थीं, लेकिन अब विद्युतीकरण के बाद ट्रेनें असम में प्रवेश करते ही बिजली से चलने लगी हैं। मुख्यमंत्री के अनुसार, राज्य में मेडिकल कॉलेज, इंजीनियरिंग कॉलेज और अन्य संस्थानों की संख्या बढ़ रही है, जिससे हर साल बिजली की मांग भी बढ़ रही है। इसी आवश्यकता को देखते हुए ऊर्जा क्षेत्र में नए प्रोजेक्ट शुरू किए जा रहे हैं।

सालाकाटी परियोजना से चार गुना बड़ी क्षमता

सीएम हिमंत सरमा ने बताया कि छापर में स्थापित होने वाला यह प्रोजेक्ट 3,200 मेगावाट बिजली का उत्पादन करेगा। उन्होंने कहा कि कोकराझार के सालाकाटी में पहले से मौजूद 800 मेगावाट के थर्मल पावर प्रोजेक्ट की तुलना में छापर की परियोजना की क्षमता चार गुना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 48,000 करोड़ रुपये के निवेश वाली यह परियोजना असम के औद्योगिक विकास के लिहाज से महत्वपूर्ण है।

Updated on:
20 Sept 2026 02:59 pm
Published on:
20 Sept 2026 02:48 pm