
Himanta Biswa Sarma Chhapar Power Project: असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने धुबरी जिले के छापर में 3,200 मेगावाट क्षमता वाले कोयला आधारित थर्मल पावर प्रोजेक्ट की आधारशिला रखी। सीएम ने इसे राज्य के ऊर्जा क्षेत्र में नए अध्याय की शुरुआत बताया। उन्होंने कहा कि यह परियोजना न केवल असम, बल्कि पूरे पूर्वोत्तर भारत की सबसे बड़ी थर्मल पावर परियोजना होगी।
इस दौरान सीएम सरमा ने कहा कि अडानी समूह इस परियोजना में करीब 48 हजार करोड़ रुपये का निवेश करेगा। उन्होंने इसे असम में अब तक का सबसे बड़ा औद्योगिक निवेश बताया। सरमा ने कहा कि धुबरी जैसे अपेक्षाकृत पिछड़े जिले में इतनी बड़ी औद्योगिक परियोजना आने से क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास को गति मिलेगी।
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि परियोजना के निर्माण के दौरान करीब 25 हजार लोग काम करेंगे। उन्होंने कहा कि इसमें बड़ी संख्या में इंजीनियरों और युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे।
उन्होंने बताया कि परियोजना पूरी होने के बाद करीब 5 हजार लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से नियमित रोजगार मिलने की संभावना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तरह के बड़े निवेश से पूरे क्षेत्र में व्यापक आर्थिक बदलाव देखने को मिल सकता है।
मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि असम सरकार राज्य के हर परिवार तक बिजली पहुंचाने की दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि कार्बी आंगलोंग की पहाड़ियों से लेकर धुबरी जिले के चार-चापोरी क्षेत्रों तक बिजली आपूर्ति को विस्तार दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि पहले असम में ट्रेनें डीजल से चलती थीं, लेकिन अब विद्युतीकरण के बाद ट्रेनें असम में प्रवेश करते ही बिजली से चलने लगी हैं। मुख्यमंत्री के अनुसार, राज्य में मेडिकल कॉलेज, इंजीनियरिंग कॉलेज और अन्य संस्थानों की संख्या बढ़ रही है, जिससे हर साल बिजली की मांग भी बढ़ रही है। इसी आवश्यकता को देखते हुए ऊर्जा क्षेत्र में नए प्रोजेक्ट शुरू किए जा रहे हैं।
सीएम हिमंत सरमा ने बताया कि छापर में स्थापित होने वाला यह प्रोजेक्ट 3,200 मेगावाट बिजली का उत्पादन करेगा। उन्होंने कहा कि कोकराझार के सालाकाटी में पहले से मौजूद 800 मेगावाट के थर्मल पावर प्रोजेक्ट की तुलना में छापर की परियोजना की क्षमता चार गुना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 48,000 करोड़ रुपये के निवेश वाली यह परियोजना असम के औद्योगिक विकास के लिहाज से महत्वपूर्ण है।