Riniki Bhuyan Sarma 3 Passports Allegations: असम में 9 अप्रैल की वोटिंग से पहले पवन खेड़ा और सीएम हिमंत बिस्वा शर्मा के बीच पासपोर्ट विवाद तेज हो गया है। रिनिकी भुइयां शर्मा पर UAE और मिस्र समेत 3 विदेशी पासपोर्ट होने के कथित आरोपों के बीच दिल्ली में खेड़ा के घर पुलिस पहुंची है।
Himanta Biswa Sarma Wife Passport Controversy: पवन खेड़ा द्वारा लगाए गए आरोपों को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। कांग्रेस पार्टी ने हिमंत बिस्वा शर्मा पर निशाना साधते हुए उनकी पत्नी की नागरिकता और कथित पासपोर्ट विवाद को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि असम के मुख्यमंत्री की पत्नी के पास कथित तौर पर कई देशों के पासपोर्ट हैं।
पार्टी ने इसे लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर ऐसा है तो उनकी नागरिकता की स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए। कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि यह मामला पारदर्शिता से जुड़ा है और मुख्यमंत्री को खुद सामने आकर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
उत्तराखंड कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि हिमंत बिस्वा शर्मा को अपने पद की गरिमा का ध्यान रखना चाहिए और उनके बयान एक विनम्र व्यक्ति जैसे नहीं लगते। उन्होंने कहा कि शर्मा पर लगे आरोपों का जवाब देना उनकी जिम्मेदारी है और उन्हें साफ करना चाहिए कि वे इन आरोपों से कैसे बरी होते हैं।
वहीं कांग्रेस नेता प्रदीप कुमार बालमुचू ने दावा किया कि मुख्यमंत्री की पत्नी के पास कथित तौर पर यूएई, एंटीगुआ और बारबुडा तथा मिस्र के पासपोर्ट हैं और ये सभी सक्रिय हैं।
कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि एक तरफ भाजपा नेता मुसलमानों के खिलाफ बयानबाजी करते हैं, जबकि दूसरी ओर खाड़ी देशों से जुड़े मामलों पर सवाल खड़े हो रहे हैं। इसी संदर्भ में पार्टी ने तीखा सवाल उठाते हुए कहा, ''मुसलमानों को गाली और खाड़ी देशों का पासपोर्ट?''
वहीं हिमंत बिस्वा शर्मा और उनके परिवार ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि यह पूरी तरह राजनीतिक साजिश है और चुनाव से पहले माहौल बिगाड़ने की कोशिश की जा रही है।
इस विवाद के बीच मुख्यमंत्री की पत्नी रिनिकी भुइयां शर्मा की ओर से शिकायत दर्ज कराई गई है, जिसके बाद पुलिस पवन खेड़ा के आवास तक पहुंची। इस घटनाक्रम ने मामले को और ज्यादा तूल दे दिया है। कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जो दस्तावेज सामने लाए गए हैं, वे प्रमाण हैं और केवल बयान देकर उन्हें नकारा नहीं जा सकता है।
असम में विधानसभा चुनाव नजदीक हैं और ऐसे में यह विवाद राजनीतिक तौर पर काफी अहम माना जा रहा है। कांग्रेस और भाजपा के बीच बयानबाजी तेज हो गई है और यह मुद्दा चुनावी बहस का केंद्र बनता दिख रहा है। असम सरकार के मंत्री पियूष हजारिका ने मुख्यमंत्री का बचाव करते हुए कहा कि राज्य की महिलाएं उन्हें समर्थन देती हैं और सरकार की कई योजनाएं महिलाओं के लिए हैं।
पूरा मामला आरोप-प्रत्यारोप के बीच उलझा हुआ है, जहां एक तरफ कांग्रेस सवाल उठा रही है, वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री और उनका परिवार आरोपों को खारिज कर रहा है। फिलहाल इस मामले में सच्चाई क्या है, यह जांच और आधिकारिक दस्तावेजों के सामने आने के बाद ही साफ हो पाएगा।