असम पुलिस ने बीते एक साल में बेहतरीन काम किया है। एक बयान जारी कर कहा कि असम मेंं पिछले 11 महीनों में लंबित आपराधिक मामलों में कम आई है। प्रदेश में मामलों की पेंडेंसी मई 2021 के अंत में 1,0 9,081 थी, अब अप्रैल के अंत में 83,947 हो गई है।
असम पुलिस बीते 11 महीनों में लंबित आपराधिक मामलों को कम करने में सफल रही है। असम पुलिस ने एक अधिकारिक बयान जारी कर कहा कि प्रदेश में मामलों की पेंडेंसी, जो मई 2021 के अंत में 1,0 9,081 थी, अब अप्रैल के अंत में 83,947 हो गई है। बीते साल के दौरान प्रति 100,000 जनसंख्या पर औसत अपराध दर 384 थी, जो अब इस वर्ष 222 हो गई है। मामलों का औसत मासिक पंजीकरण, जो पिछले वर्ष लगभग 11,103 था, अब इस वर्ष घटकर 6,247 हो गया है। मामलों का निपटान 2022 की पहली तिमाही 28,400 है, जबकि 2021 की पहली तिमाही में 24,159 थी।
4,838 से अधिक मादक तस्कर गिरफ्तार
पिछले साल मई से पुलिस ने एनडीपीएस अधिनियम के तहत 2,834 मामले दर्ज किए हैं, 4,838 से अधिक मादक पदार्थों के तस्करों को गिरफ्तार किया है और 548.53 करोड़ रुपये से अधिक की दवाएं जब्त की हैं।
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146 वाहन किए जब्त
जारी बयान के अनुसार, पिछले 11 महीनों में, पुलिस ने मानव तस्करी के 141 मामले दर्ज किए, 104 से अधिक मानव तस्करों को गिरफ्तार किया और लगभग 250 लोगों को बचाया। इसी अवधि में म्यांमार से सुपारी की तस्करी के 163 मामले दर्ज किए गए, 182 लोगों को गिरफ्तार किया गया और 146 वाहन जब्त किए गए। पिछले एक साल में, असम पुलिस ने पशु तस्करी के 1,100 से अधिक मामले दर्ज किए, 992 तस्करों को गिरफ्तार किया, 9454 से अधिक मवेशियों को बचाया और 417 वाहनों को जब्त किया। यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असम-इंडिपेंडेंट (उल्फा-आई) ने शनिवार को धनजीत दास और संजीब सरमा को मौत की सजा सुनाई।