
राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना विधानसभा चुनाव परिणाम को अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव का सेमीफाइनल के रूप में देखा जा रहा है। तेलंगाना को छोड़कर बाकी राज्यों में कांग्रेस का निराशा जनक प्रदर्शन रहा। कांग्रेस ने चुनाव में I.N.D.I.A के किसी सहयोगी को महत्व नहीं दिया। परिणाम आने के बाद अब सभी कांग्रेस पर हमला बोल रहे हैं। कोई कांग्रेस पार्टी के प्रति अपनी नाराजगी जाहिर कर रहा है तो कोई उसका मजाक उड़ा रहा है।कांग्रेस को अब गठबंधन में शामिल दूसरे दलों के गुस्से का सामना करना पड़ रहा है। सहयोगी दल का कहना है कि उनको पास एक बड़ा मौका था जो चूक गया है। माना जा रहा है कि अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव में भी इसका असर देखने को मिला सकता है।
सपा ने लगाया विश्वाघात का आरोप
अब मध्य प्रदेश में समाजवादी पार्टी सीटें बांटने से मना कर रह है। सपा के मुखिया अखिलेश यादव ने कांग्रेस पर विश्वासघात करने का आरोप लगाया। अखिलेश का कहना है कि सपा को भरोसा दिया गया था कि कांग्रेस उन्हें पांच सीटें देगी। तेलंगाना भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) को एक सीट दी। इसके अलावा उसने किसी भी सहयोगी पार्टी ने अन्य तीन राज्यों में कोई सीट नहीं मिली।
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कांग्रेस बड़े भाई की तरह अपनी शर्तें थोपना बंद कर दे : तृणमूल कांग्रेस
पंश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस ने भी कांग्रेस पर हमला बोला है। तृणमूल कांग्रेस ने कहा कि समय आ गया है कि देश की सबसे पुरानी राष्ट्रीय पार्टी अब इंडिया गठबंधन में बड़े भाई तरह अपनी शर्तें थोपना बंद कर दे। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चुनाव के नतीजों पर हालांकि कोई प्रतिक्रिया नहीं दी, लेकिन राज्य में पार्टी के कुछ प्रवक्ताओं ने कांग्रेस पर निशाना साधना शुरू कर दिया है।
कांग्रेस की हार से नीतीश और लालू भी खुश
सूत्रों के अनुसार कांग्रेस की हार से जनता दल यूनाइटेड और लालू प्रसाद की आरजेडी काफी खुश है। कांग्रेस अकेले अपने दम पर बीजेपी को 2024 में चैलेंज करने की कोशिश कर रही थी और अपने सहयोगी दलों की लगातार अनदेखी कर रही है। इस बार से बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और लालू यादव नाराज है। क्योंकि इंडिया गठबंधन की आखिरी बैठक के बाद देश में माहौल बन रहा था कि कांग्रेस अकेले अपने दम पर बीजेपी को 2024 में चैलेंज करने की कोशिश कर रही थी। इन चुनाव परिणाम के बाद कांग्रेस की हवा निकल गई है।
अब क्या होगा ‘इंडिया’ गठबंधन का भविष्य
चार राज्यों के चुनाव परिणम के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने विपक्षी दलों के नेताओं को फोन करके अपने दिल्ली आवास पर 6 दिसंबर को एक बैठक बुलाई। इससे पहले ‘इंडिया’ गठबंधन की बैठक 31 अगस्त और 1 सितंबर को मुंबई में हुई थी। इन चुनाव परिणाम के बाद अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव में ये सभी पार्टियां एकजुट नहीं होती दिख रही है। माना जा रहा है कि अब इंडिया गठबंधन के भविष्य पर खतरे के बादल मंडराने लगे है।
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