
तमिलनाडु के मंत्री सीटीआर निर्मल कुमार। (Photo- ANI)
Cauvery Dispute: तमिलनाडु के मंत्री सीटीआर निर्मल कुमार ने कावेरी जल विवाद को लेकर सर्वदलीय बैठक की मांग खारिज कर दी है। उन्होंने रविवार को कहा कि इस मुद्दे पर विधानसभा में पहले ही सभी दलों की भागीदारी और समर्थन से सर्वसम्मत प्रस्ताव पारित किया जा चुका है। मीडिया से बातचीत में निर्मल कुमार ने कहा, 'विधानसभा में सभी राजनीतिक दलों की भागीदारी और समर्थन से सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया था। सभी ने उसे सुना और उसका समर्थन किया।' उन्होंने आगे कहा, 'यदि किसी को आपत्ति थी तो वह उसी समय उठाई जा सकती थी। क्या सभी को अपनी बात रखने का समान अवसर नहीं दिया गया था? सभी दलों ने अपनी राय रखी थी।'
मंत्री ने सवाल उठाया कि जिन राजनीतिक दलों ने विधानसभा के प्रस्ताव का समर्थन किया था, उन्होंने कुछ दिन बाद उसी प्रस्ताव को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका क्यों दायर की।
उन्होंने कहा, 'हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करने के चार दिन बाद DMK ने सुप्रीम कोर्ट में भी याचिका दायर कर दी। इससे नुकसान किसका हो रहा है? तमिलनाडु की जनता का। मुख्यमंत्री को घेरने के नाम पर वे जनता के हितों के खिलाफ काम कर रहे हैं। ऐसे में हम उनसे सर्वदलीय बैठक में शामिल होने की उम्मीद कैसे कर सकते हैं?' बता दें कि DMK, AIADMK, PMK और VCK समेत कई राजनीतिक दलों ने कावेरी जल विवाद पर चर्चा के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की थी।
मंत्री ने कहा कि कर्नाटक में कावेरी मुद्दे पर सभी राजनीतिक दल एकजुट हैं और पानी छोड़ने के विरोध में उनका रुख एक समान है। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु में राजनीतिक दलों के बीच यह स्पष्ट नहीं है कि अपने अधिकारों को हासिल करने के लिए कौन-सी रणनीति अपनाई जाए।
उन्होंने कहा, 'मुख्यमंत्री ने विभिन्न पक्षों से चर्चा के बाद सुप्रीम कोर्ट जाने का फैसला किया था। हमारे वकील उमापति ने सभी तैयारियां पूरी करने के बाद याचिका दायर करने की प्रक्रिया शुरू की थी। लेकिन उसी दौरान शाम 5 बजे के बाद DMK ने जल्दबाजी में अपनी याचिका दाखिल कर दी। एक ही राज्य से एक ही मुद्दे पर कई याचिकाएं दायर होने से भ्रम की स्थिति पैदा होती है।' निर्मल कुमार ने सवाल किया कि पिछले पांच वर्षों में DMK ने इस मुद्दे पर क्या कदम उठाए और क्या उसने कभी कोई याचिका दायर की थी।
उन्होंने कहा कि कावेरी विवाद को लेकर एक ओर न्यायिक रास्ता है, जबकि दूसरी ओर कूटनीतिक प्रयास भी किए जा सकते हैं। इसके अलावा राजनीतिक दलों के बीच रणनीति को लेकर मतभेद बने हुए हैं।
सीटीआर निर्मल कुमार ने DMK अध्यक्ष एमके स्टालिन और कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि दोनों नेता कावेरी विवाद में तमिलनाडु के हितों को नुकसान पहुंचाने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं।
Updated on:
02 Aug 2026 03:21 pm
Published on:
02 Aug 2026 03:21 pm
