राष्ट्रीय

दुर्गा पूजा में मछली-मांस पर बवाल, बागेश्वर बाबा की अपील पर बंगाल BJP अध्यक्ष ने कहा- बंगाली मछली कैसे छोड़ सकते हैं

Non Veg Controversy: दुर्गा पूजा और नवरात्रि के दौरान मांसाहार छोड़ने की बागेश्वर बाबा की अपील पर पश्चिम बंगाल BJP अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि किसी साधु या राजनीतिक दल को लोगों के खाने-पहनने पर आदेश नहीं देना चाहिए।
2 min read
Samik Bhattacharya and Dhirendra Krishna Garg
समिक भट्टाचार्य और धीरेंद्र शास्त्री (फोटो- ANI)

Fish Meat Controversy: पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा के दौरान मछली और मांस खाने को लेकर नया विवाद शुरू हो गया है। बागेश्वर बाबा ने नवरात्रि और दुर्गा पूजा के दौरान लोगों से शाकाहारी बनने की अपील की थी। इस पर पश्चिम बंगाल BJP अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य (Samik Bhattacharya) ने स्पष्ट कहा कि बंगालियों को क्या खाना और क्या पहनना है, यह कोई साधु या राजनीतिक दल तय नहीं कर सकता।

बंगाली मछली-मांस कैसे छोड़ सकते हैं?

समिक भट्टाचार्य ने कहा कि बंगालियों के लिए मछली और मांस खाना उनकी परंपरा और खान-पान की आदत का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने भी मां काली को मटन का भोग चढ़ाने की बात कही थी। भट्टाचार्य ने कहा कि कोई व्यक्ति अगर खुद को विवेकानंद से ऊपर रखने की कोशिश करता है तो यह खतरनाक बात है। हालांकि उन्होंने इस दौरान किसी का भी नाम नहीं लिया और इसे धार्मिक नेता की निजी राय बताया।

तीन दिवसीय कार्यक्रम में पहुंचे थे बागेश्वर बाबा

बागेश्वर बाबा पश्चिम बंगाल के हावड़ा जिले के लिलुआ में आयोजित तीन दिवसीय हनुमंत कथा कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। रविवार को लिलुआ के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बागेश्वर बाबा ने कहा कि उन्हें पश्चिम बंगाल की एक बात पसंद नहीं है। उन्होंने कहा कि नवरात्रि और दुर्गा पूजा के दौरान पंडालों के आसपास मांसाहारी भोजन किया जाता है। उन्होंने आने वाली नवरात्रि में हिंदुओं से जागने और ऐसे लोगों को बाहर करने की अपील की। उनका यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद कई बंगाली हिंदुओं ने इस पर नाराजगी जताई है। इससे पहले शनिवार को मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने राज्य के सौजन्य सभागार में उनके लिए रात्रिभोज का आयोजन किया था। इसमें कैबिनेट मंत्री और राज्य मंत्री भी शामिल हुए थे।

BJP ने कहा- कोई आदेश नहीं देंगे

समिक भट्टाचार्य ने कहा कि उनकी पार्टी कभी लोगों के खान-पान और पहनावे को लेकर कोई आदेश जारी नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि जो लोग धोती पहनना चाहते हैं, वे धोती पहनेंगे और जिन्हें लुंगी पसंद है, वे लुंगी पहनेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि किसी व्यक्ति का शाकाहारी बनने की अपील करना गलत नहीं है और कई लोग व डॉक्टर भी शाकाहार की सलाह देते हैं। लेकिन किसी साधु या राजनीतिक पार्टी को यह तय करने का अधिकार नहीं है कि कोई व्यक्ति अपने घर में क्या खाएगा।

Updated on:
07 Sept 2026 10:15 pm
Published on:
07 Sept 2026 10:15 pm