Tarique Rahman Next PM: बांग्लादेश में तारिक रहमान की पार्टी BNP को बंपर जीत मिली। उनका पीएम बनना लगभग तय है। 35 साल बाद बांग्लादेश को पुरुष प्रधानमंत्री मिलने जा रहा है।
Bangladesh Elections 2026, BNP Win: बांग्लादेश चुनाव के नतीजे सामने आ गए हैं। बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी को बंपर जीत मिली है। 299 सीटों वाली जतिया (संसद) में BNP ने 212 पर जीत हासिल की है, जबकि जमात को 70 सीटें मिली हैं। इस जीत के साथ ही पूर्व पीएम खालिदा जिया के बेटे व BNP अध्यक्ष तारिक रहमान का पीएम बनना लगभग तय माना जा रहा है। तारिक रहमान ने दो सीटों (ढाका 17 और बोगरा 6) से चुनाव लड़ा और दोनों ही सीटों पर जीत हासिल की। बांग्लादेश के 35 साल बाद पुरुष प्रधानमंत्री मिलने जा रहा है। 1988 में काजी जफर अहमद प्रधानमंत्री बने थे।
16 दिसंबर 1971 को बांग्लादेश के निर्माण के बाद ताजुद्दीन अहमद देश के पहले प्रधानमंत्री बने। वह प्रोविजनल गर्वमेंट के प्रधानमंत्री थे। आवामी लीग नेता ताजुद्दीन का कार्यकाल 17 अप्रैल 1971 – 12 जनवरी 1972 तक था। इसके बाद देश में पहला आम चुनाव हुआ और बांग्लादेश में आवामी लीग के संस्थापक शेख मुजीबुर रहमान ने सत्ता की बागडोर संभाली। 15 अगस्त 1975 को शेख मुजीब की हत्या के बाद मुहम्मद मंसूर अली ने अल्पकालिक समय के लिए प्रधानमंत्री का पदभार ग्रहण किया। इसके बाद बांग्लादेश में जनरल जियाउर रहमान (1975-1981) और बाद में लेफ्टिनेंट जनरल हुसैन मुहम्मद इरशाद (1982-1990) का शासनकाल लंबे समय तक सैन्य शासन चला। इरशाद के सैन्य शासन के काल में 1988 में काजी जफर अहमद प्रधानमंत्री बने थे।
सैन्य शासक हुसैन मुहम्मद इरशाद के खिलाफ दोनों पूर्व पीएम बेगम्स खालिदा जिया और पूर्व पीएम शेख हसीना ने साथ मिलकर आंदोलन चलाया। हड़तालें की, संघर्ष करते हुए लाठियां खाई और हवालात में भी रात बिताना पड़ा। वैश्विक दवाब के आगे हुसैन मुहम्मद ने घुटने टेक दिए और 1990 में चुनाव हुआ। 1991 के चुनाव में खालिदा ने शेख हसीना को चुनावी पटखनी दी और देश की पहली महिला प्रधानमंत्री बनीं। वे 1991-96 और 2001-06 तक सत्ता में रहीं।
हालांकि, अगले आम चुनाव में सत्ता विरोधी लहर के कारण BNP को करारी हार का सामना करना पड़ा और शेख हसीना चुनाव जीतकर सत्ता में पहुंचीं। पांच साल बाद हसीना भी चुनाव हार गईं। 2001 से 2006 तक फिर खालिदा ने देश की बागडोर संभाली। 2006 के बाद 2024 तक लगातार 18 साल तक हसीना ने बांग्लादेश को चलाया।
सत्ता के आदान प्रदान के दौरान दोनों बेगमों के बीच संघर्ष भी हुए। हसीना के शासन में खालिदा पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे, उन्हें 2018 में जेल हुई और बाद में घर में ही नजरबंद कर दिया गया। उधर, जब खालिदा जिया पीएम थी, उस दौरान शेख हसीना पर जानलेवा हमला भी हुआ था।
बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी ने इस चुनाव में कई लोकलुभावन वादे किए हैं। पार्टी ने गरीब और हाशिए पर रहने वाले परिवारों के लिए 'फैमिली कार्ड', किसानों, मछुआरों, पशुपालकों और छोटे कृषि उद्यमियों के लिए 'फॉर्मर कार्ड', 4 करोड़ युवाओं के लिए स्थायी रोजगार, ढाका में बुलेट ट्रेन, हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यकों की जान, संपत्ति और पूजा स्थलों की सुरक्षा के लिए सख्त कानून, संतुलित विदेश नीति अपनाने का ऐलान किया है।