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बद्रीनाथ धाम के चढ़ावे में गड़बड़ी का आरोप, मंदिर समिति के अध्यक्ष के PA प्रमोद नौटियाल पर FIR दर्ज

Badrinath Temple: बद्रीनाथ धाम में दान-चढ़ावे की हेराफेरी मामले में बड़ी कार्रवाई। BKTC अध्यक्ष के PA प्रमोद नौटियाल पर केस दर्ज, जानें क्या है पूरा मामला।
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Badrinath-Kedarnath Temple Committee lodged Fir against Pramod Nautiyal.
बंद्रीनाथ धाम (Photo- ANI)

Badrinath Scam: उत्तराखंड के बद्रीनाथ धाम से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) के अध्यक्ष कार्यालय में रहें PA प्रमोद नौटियाल बड़ी मुसीबत में फंस गए हैं। मंदिर के दान और चढ़ावे में गड़बड़ी के गंभीर आरोपों को लेकर बद्रीनाथ पुलिस थाने में उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। यह कार्रवाई मंदिर समिति की शिकायत के बाद हुई है। प्रमोद नौटियाल पर FIR भारतीय न्याय संहिता यानी BNS 2023 के सेक्शन 306 और 316(5) के तहत दर्ज की गई है।

क्या है FIR में दर्ज?

प्रमोद नौटियाल के खिलाफ दर्ज FIR के मुताबिक, 2 जुलाई को मंदिर की दान थाली (थाली भेंट) में चढ़ावे की गिनती के दौरान शुरुआती जांच में पता चला कि सुबह 9:00 बजे से 9:30 बजे के बीच मंदिर का पैसा गैर-कानूनी तरीके से दान गिनती सेंटर से निकाला गया था। इन पहली नज़र में मिली बातों के आधार पर नौटियाल को पहले ही सस्पेंड कर दिया गया था।

बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर कमिटी ने शिकायत दर्ज कराई है कि प्रमोद नौटियाल ने निजी फायदे के लिए मंदिर के दान का पैसा गैर-कानूनी तरीके से लिया, जिसके कारण क्रिमिनल केस दर्ज किया गया।

तीन सदस्यीय उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन

बदरीनाथ धाम में दान और चढ़ावे से जुड़ी अनियमितताओं और शिकायतों को उत्तराखंड सरकार ने गंभीरता से लिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर राज्य सरकार ने तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय जांच समिति का गठन किया है। इस समिति की अध्यक्षता गढ़वाल मंडल के अध्यक्ष करेंगे। समिति के अन्य सदस्यों में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के प्रबंध निदेशक संदीप तिवारी और चिकित्सा एवं स्वास्थ्य महानिदेशालय कार्यालय के वित्त निदेशक जगत सिंह चौहान शामिल हैं।

पर्यटन सचिव धीराज सिंह गर्ब्याल की ओर से जारी इस आदेश में कहा गया है कि समिति मंदिर में प्राप्त दान और चढ़ावे से संबंधित कथित अनियमितताओं की विस्तृत जांच करेगी। समिति को 15 दिनों के भीतर अपनी जांच रिपोर्ट और सिफारिशें राज्य सरकार को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।

जांच के दौरान आवश्यकता पड़ने पर समिति किसी भी अधिकारी, विशेषज्ञ या संबंधित व्यक्ति की सहायता और सलाह ले सकेगी। साथ ही दान और चढ़ावे के प्रबंधन तंत्र को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और प्रभावी बनाने के लिए सुधारात्मक सुझाव भी देगी।

Updated on:
08 Jul 2026 09:17 am
Published on:
08 Jul 2026 08:37 am