
राम मंदिर। (फाइल फोटो : पत्रिका)
Ram Mandir Donation Theft: अयोध्या राम मंदिर से जुडे कथित चंदा गबन मामले को लेकर देश की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने इस मामले में कडी कार्रवाई की मांग करते हुए दोषियों को फांसी देने की बात कही। इसी बयान के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने पलटवार करते हुए केजरीवाल की धार्मिक प्रतिबद्धता और उनके पुराने रुख पर सवाल खडे किए। पंजाब BJP अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने इस मामले में केजरीवाल से सवाल करते हुए पूछा कि जब पूरा देश राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह में श्रद्धा से जुडा था, तब अरविंद केजरीवाल कहां थे।
पंजाब बीजेपी के अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने कहा कि भाइयो और बहनो, आज अरविंद केजरीवाल पंजाब आए हैं और मंदिरों की बात कर रहे हैं। मैं उनसे पूछना चाहता हूं कि जब पूरे देश ने राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह के दौरान श्रद्धा के साथ सिर झुकाया था, तब केजरीवाल कहां थे?
उन्होंने आगे कहा कि अब मंदिरों और धार्मिक आस्थाओं की बात करने वाले केजरीवाल को पहले अपने पुराने रुख का जवाब देना चाहिए। पार्टी नेताओं का आरोप है कि धार्मिक मुद्दों पर AAP का रुख राजनीतिक परिस्थितियों के अनुसार बदलता रहा है।
बता दें कि इससे पहले दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल ने राम मंदिर में चंदा चोरी के मामले को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने इस मामले में कड़ी कार्रवाई करने की मांग की।
केजरीवाल ने कहा कि यदि चोरी नहीं हुई होती तो प्राथमिकी दर्ज नहीं होती और आठ लोगों की गिरफ्तारी भी नहीं होती। उन्होंने कहा कि केवल प्राथमिकी दर्ज करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि जनता की मांग है कि चंदा चोरों को फांसी दी जाए।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि देश के कई मंदिर और धार्मिक संस्थान ऐसे लोगों के नियंत्रण में हैं जो चंदा चोरी जैसे मामलों में शामिल हैं। उनके अनुसार इन संस्थानों को ऐसे लोगों से मुक्त कर धार्मिक संतों और प्रबंधन के जिम्मेदार लोगों को सौंपा जाना चाहिए।
केजरीवाल ने यह भी आरोप लगाया कि कथित गड़बड़ी का मुद्दा उठाने वालों को ही निशाना बनाया जा रहा है, जबकि कार्रवाई आरोपियों के खिलाफ होनी चाहिए। दूसरी ओर BJP ने उनके बयान को राजनीतिक अवसरवाद बताते हुए सवाल उठाया कि राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के समय उनकी भूमिका क्या थी और अब मंदिरों की चिंता क्यों दिखाई दे रही है। दोनों दलों के बीच इस मुद्दे पर जुबानी जंग तेज हो गई है। आने वाले दिनों में यह विवाद और अधिक राजनीतिक रंग ले सकता है, क्योंकि दोनों पक्ष धार्मिक आस्था और कथित चंदा गबन के मुद्दे को लेकर आमने-सामने नजर आ रहे हैं।
Updated on:
08 Jul 2026 12:11 pm
Published on:
08 Jul 2026 10:17 am
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