8 जुलाई 2026,

बुधवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

‘लालू प्रसाद का पूरा परिवार भ्रष्टाचार में लिप्त’, कोर्ट में लैंड फॉर जॉब स्कैम की सुनवाई के बीच BJP का RJD पर वार

BJP Slams Lalu Yadav: लैंड फॉर जॉब स्कैम मामले में राउज एवेन्यू कोर्ट की सुनवाई के बीच BJP ने लालू यादव परिवार पर निशाना साधा है। तेजस्वी यादव की संपत्ति पर भी उठाए सवाल।
2 min read
Google source verification

पटना

image

Himadri Joshi

Jul 08, 2026

Lalu Prasad Yadav

लालू प्रसाद यादव। (ANI)

Land For Jobs Scam: दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में चर्चित लैंड फॉर जॉब स्कैम (Land For Jobs Scam) मामले की सुनवाई के बीच भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने राष्ट्रीय जनता दल (RJD) प्रमुख लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार पर बड़ा राजनीतिक हमला बोला है। BJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता गुरु प्रकाश ने आरोप लगाया कि लालू प्रसाद यादव का पूरा परिवार भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में घिरा रहा है। उन्होंने कहा कि राजनीति का उद्देश्य जनता की सेवा और राष्ट्र निर्माण होना चाहिए, न कि इसे आर्थिक लाभ कमाने का जरिया बनाया जाना चाहिए।

तेजस्वी यादव की संपत्ति को लेकर BJP ने उठाए सवाल

BJP प्रवक्ता गुरु प्रकाश ने तेजस्वी यादव की संपत्तियों को लेकर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि तेजस्वी यादव ने ऐसा कौन सा व्यवसाय किया, जिसके चलते उनके नाम पर इतनी जमीन और संपत्तियां दर्ज हो गईं। उन्होंने कहा कि लालू प्रसाद यादव के बेटे, बेटियां और पत्नी कथित तौर पर इस मामले से जुड़े लाभार्थी रहे हैं। BJP ने आरोप लगाया कि राजनीति को भ्रष्टाचार के माध्यम से संपत्ति जुटाने का माध्यम नहीं बनाया जाना चाहिए।

क्या है लैंड फॉर जॉब स्कैम मामला?

लैंड फॉर जॉब स्कैम का मामला साल 2008-09 के दौरान का है, जब लालू प्रसाद यादव केंद्र सरकार में रेल मंत्री थे। आरोप है कि रेलवे में ग्रुप-डी की नौकरियां देने के बदले कुछ उम्मीदवारों और उनके परिवारों से जमीन ली गई। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने मई 2022 में लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ इस मामले में FIR दर्ज की थी। जांच एजेंसी ने भारतीय दंड संहिता की धारा 120-B (आपराधिक साजिश) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया। CBI का आरोप है कि नौकरी पाने वाले कुछ उम्मीदवारों ने बाद में अपनी जमीन लालू परिवार के सदस्यों या उनसे जुड़ी कंपनियों के नाम हस्तांतरित कर दी।

CBI के आरोपों में क्या कहा गया है?

जांच एजेंसी के अनुसार, पटना के कई लोगों या उनके रिश्तेदारों ने अपनी जमीन राबड़ी देवी, मीसा भारती, हेमा यादव या लालू परिवार से जुड़ी एक निजी कंपनी के नाम पर बेची या उपहार के रूप में ट्रांसफर की। CBI का दावा है कि रेलवे में इन नियुक्तियों के लिए कोई व्यापक सार्वजनिक विज्ञापन या आधिकारिक सूचना जारी नहीं की गई थी। इसके बावजूद कई उम्मीदवारों को मुंबई, जबलपुर, कोलकाता, जयपुर और हाजीपुर जैसे रेलवे जोन में सब्स्टीट्यूट के तौर पर नियुक्त किया गया और बाद में उनकी सेवाएं नियमित कर दी गईं।

अदालत की सुनवाई पर टिकी नजरें

लैंड फॉर जॉब मामले में जांच एजेंसियों के आरोपों और बचाव पक्ष की दलीलों पर अदालत में सुनवाई जारी है। मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया और अदालत के फैसले पर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर सभी की नजरें बनी हुई हैं।

बड़ी खबरें

View All

राष्ट्रीय

ट्रेंडिंग