
Karnataka SIR Form 7 controversy: कर्नाटक के बेलगावी में बीजेपी नेता रवि पाटिल व अन्य के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। बीजेपी नेता व उनके सहयोगियों पर आरोप है कि SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) के दौरान फॉर्म 7 आवेदनों के जरिए उन्होंने 198 मुस्लिम मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटवाने की कोशिश की थी। पुलिस ने कहा कि बेलगावी थाने में शिकायत दर्ज की जाने के बाद आगे की कार्रवाई जारी है।
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, बेलगावी उत्तर विधानसभा क्षेत्र के वार्ड नंबर 12 के बूथ लेवल एजेंट मीरासाब सनदी ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वे चुनाव आयोग की चल रही SIR प्रक्रिया में BLO (बूथ लेवल ऑफिसर) की मदद कर रहे थे और मतदाताओं के विवरण सत्यापित करने में सहयोग दे रहे थे। इसी दौरान 22 सितंबर को रवि पाटिल, शंकर बीरप्पा नाइक और प्रशांत दीपक मुंदिनमनी समेत 20 से 25 लोग इकट्ठा हुए और उन्होंने इलाके के लोगों का नाम वोटर लिस्ट से हटवाने की कोशिश की।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि आरोपियों ने कथित तौर पर फर्जी दस्तावेज तैयार किए और उन्हें बीएलओ को सौंपते हुए दावा किया कि ये निर्वाचक निबंधन अधिकारी (ईआरओ) की ओर से जारी असली दस्तावेज हैं। शिकायतकर्ता के अनुसार इन्हीं दस्तावेजों के साथ दिए गए फॉर्म-7 आवेदनों में 198 मतदाताओं के नाम शामिल थे, जिनमें उनका और उनके परिवार का नाम भी है।
पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) (धोखाधड़ी), 336(3) और 336(4) (जालसाजी), 353 (सार्वजनिक उपद्रव को बढ़ावा देने वाले बयान), 61(2) (आपराधिक साजिश), 3(5) (साझा मंशा), 192 (दंगा भड़काने के इरादे से उकसावा) और 190 (गैरकानूनी जमावड़े के सदस्यों की जवाबदेही) के तहत आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
फॉर्म-7 मतदाता सूची में किसी नाम को शामिल करने या हटाने के प्रस्ताव पर आपत्ति दर्ज कराने का तय आवेदन पत्र है।
पीटीआई के अनुसार एसआईआर से जुड़ी कथित अनियमितताओं पर अब तक कम से कम दो एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं। इनमें एक मैसूरु में स्थानीय भाजपा नेताओं और अन्य के खिलाफ है। उसमें शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि अपना, अपने परिवार और मुस्लिम समुदाय के अन्य सदस्यों का वोट कटवाने की "साजिश" की गई, जिससे समुदाय की धार्मिक भावनाएं आहत हुईं और समाज में अशांति फैलाने की कोशिश हुई। एक अन्य मामला बीदर का है। भालकी के मतदाता और 40 वर्षीय कारोबारी मोहम्मद अतीक अहमद ने शिकायत में आरोप लगाया है कि एसआईआर के दौरान फॉर्म-7 आवेदनों के जरिए उन समेत 3,244 मतदाताओं को गलत तरीके से स्थानांतरित/अनुपस्थित दिखाया गया।