
Nandigram ByElection Result Updates: कोलकाता। पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम विधानसभा सीट पर उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की उम्मीदवार हसिरानी रथ ने बड़ी जीत दर्ज की है। उन्होंने कांग्रेस के उम्मीदवार मिलन प्रधान को 1,22,753 मतों के भारी अंतर से हराया। हसिरानी रथ को कुल 1,64,427 वोट मिले, जबकि मिलन प्रधान को 41,674 मतों से संतोष करना पड़ा। इस जीत के साथ हसिरानी रथ ने नंदीग्राम सीट पर वर्ष 2016 में दर्ज जीत के अंतर का रिकॉर्ड भी पीछे छोड़ दिया। भाजपा की जीत पर मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने खुशी जताई।
नंदीग्राम सीट पर मतगणना के दौरान हसिरानी रथ ने शुरुआत से ही बढ़त बनाए रखी। मतगणना के 17वें दौर तक वह कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान से 122753 मतों से आगे रही। उनकी बढ़त वर्ष 2016 में इस सीट पर दर्ज जीत के अंतर से भी अधिक हो गई थी। वर्ष 2016 में सुवेंदु अधिकारी ने तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार के रूप में नंदीग्राम सीट से 81,230 मतों के अंतर से जीत हासिल की थी। इस बार हसिरानी रथ ने 1,22,753 मतों के अंतर से जीत दर्ज कर उस रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। हासिरानी रथ पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के दिवंगत निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की मां हैं।
भाजपा की जीत पर मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसे ऐतिहासिक बताते हुए हसीरानी रथ को बधाई दी। उन्होंने लिखा कि नंदीग्राम ने जीत के अब तक के सभी अंतर को पीछे छोड़ते हुए इतिहास रचा है। अधिकारी ने नंदीग्राम की जनता के प्रति आभार जताते हुए कहा कि लोगों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकास की राजनीति और भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व में अपना विश्वास दोहराया है। उन्होंने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, बीएल संतोष और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का भी उल्लेख किया।
नंदीग्राम उपचुनाव में पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस ने अपना उम्मीदवार मैदान में नहीं उतारा। पार्टी की उम्मीदवार संचित प्रधान डे ने आखिरी समय में नामांकन वापस ले लिया था। इसके बाद ममता बनर्जी ने कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को समर्थन देने की घोषणा की थी। इसके बावजूद कांग्रेस को भाजपा के मुकाबले बड़े अंतर से हार का सामना करना पड़ा।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में सुवेंदु अधिकारी नंदीग्राम और दक्षिण कोलकाता की भवानीपुर विधानसभा सीट से निर्वाचित हुए थे। भवानीपुर सीट पर उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को 15 हजार से अधिक मतों के अंतर से हराया था। इसके बाद अधिकारी ने भवानीपुर सीट अपने पास रखी, जिसके चलते नंदीग्राम विधानसभा सीट खाली हो गई और यहां उपचुनाव कराना पड़ा।