राष्ट्रीय

शुभेन्दु अधिकारी के खिलाफ ममता बनर्जी की याचिका स्वीकार, कलकत्ता हाईकोर्ट ने EVM-VVPAT सुरक्षित रखने के दिए निर्देश

Calcutta High Court on Bhabanipur Assembly Constituency Dispute: कलकत्ता हाई कोर्ट ने शुभेन्दु अधिकारी के चुनाव को चुनौती देने वाली ममता बनर्जी की याचिका स्वीकार कर ली है। हाई कोर्ट ने EVM, VVPAT और CCTV फुटेज समेत चुनावी रिकॉर्ड सुरक्षित रखने के निर्देश दिए हैं। भवानीपुर चुनाव विवाद में यह फैसला अहम माना जा रहा है।

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Jun 23, 2026
Calcutta High Court on Bhabanipur Assembly Constituency Dispute
कलकत्ता हाईकोर्ट। ( फोटो-ANI)

Mamata Banerjee: कलकत्ता हाई कोर्ट ने मंगलवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की उस चुनावी याचिका को स्वीकार कर लिया, जिसमें भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र से शुभेन्दु अधिकारी के चुनाव को चुनौती दी गई थी। 'लाइव लॉ' के मुताबिक, हाई कोर्ट ने माना कि याचिका में कार्रवाई का एक वैध आधार है और यह 'जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951' की जरूरतों को पूरा करती है।

TMC के वकील कल्याण बनर्जी ने लगाए कई आरोप

तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद और वकील कल्याण बनर्जी ने मंगलवार को कलकत्ता हाई कोर्ट में भवानीपुर विधानसभा चुनाव के नतीजों से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान कई आरोप लगाए। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया में पक्षपात और गड़बड़ियों का दावा किया।

पत्रकारों से बात करते हुए कल्याण बनर्जी ने चुनाव आयोग और राज्य प्रशासन के पूर्व अधिकारियों की नियुक्तियों में 'क्विड प्रो क्वो' का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, 'उन्हें (पूर्व CEO मनोज अग्रवाल) CMO का संयुक्त सचिव नियुक्त किया गया है। इसलिए, इसमें 'क्विड प्रो क्वो' है और पक्षपात की संभावना है। इसी तरह, मुख्य निर्वाचन अधिकारी, जिनके निर्देशों पर चुनाव आयोग ने 55,000 मतदाताओं के नाम हटा दिए थे और जिनके कामकाज को लेकर कई शिकायतें दर्ज की गई थीं'

उन्होंने आगे आरोप लगाया कि एक पूर्व मुख्य निर्वाचन अधिकारी को बाद में मुख्य सचिव नियुक्त किया गया था और एक समय पर उन्होंने दोनों पदों को संभाला था। उन्होंने कहा, 'एक निश्चित अवधि के दौरान वह CEO और मुख्य सचिव दोनों के रूप में काम कर रहे थे। इसलिए, इसमें भी पक्षपात की संभावना है।'

विशेष पर्यवेक्षक सुब्रत गुप्ता का जिक्र करते हुए कल्याण बनर्जी ने मतदाता सूची से नाम हटाने में गड़बड़ियों का आरोप लगाया और दावा किया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी उन नामों को हटाने के कारण 15,000 वोटों से हार गईं।

उन्होंने कहा, 'चुनाव प्रक्रिया में कई गैर-कानूनी और अनियमित गतिविधियां हुईं। सुब्रत गुप्ता को CM के विशेष सलाहकार के तौर पर यहां लाया गया है। इसलिए यहां भी पक्षपात की संभावना है।'

चार सप्ताह में हलफनामा और जवाब दाखिल के निर्देश

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मतगणना केंद्र पर हुई हिंसा की घटनाओं को CCTV फुटेज के जरिए साबित किया जाएगा और चुनाव से जुड़े रिकॉर्ड को सुरक्षित रखने की मांग की।

उन्होंने कहा, 'जज ने याचिका स्वीकार कर ली है और आदेश दिया है कि EC, CEO और रिटर्निंग ऑफिसर को उस इलाके के अंदर और आसपास के CCTV और सभी कैमरों के फुटेज सुरक्षित रखने होंगे। प्रतिवादियों को चार सप्ताह के भीतर अपना हलफनामा और जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया गया है। मामले को 12 दिन बाद के लिए सूचीबद्ध किया गया है।'

कल्याण बनर्जी ने आगे दावा किया कि मतगणना प्रक्रिया के दौरान 12वें राउंड के बाद व्यवधान की घटनाएं हुईं और इसमें BJP एजेंटों और CISF कर्मियों की संलिप्तता का आरोप लगाया। हालांकि उन्होंने इन दावों के लिए कोई सबूत नहीं दिया। उन्होंने कहा कि कोर्ट ने भवानीपुर नतीजों के संबंध में दायर चुनाव याचिका को स्वीकार कर लिया है और सभी संबंधित इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड को सुरक्षित रखने का आदेश दिया है।

Updated on:
23 Jun 2026 03:30 pm
Published on:
23 Jun 2026 03:12 pm
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