राष्ट्रीय

भारत बायोटेक ने बताया कब लेनी चाहिए कोरोना वैक्सीन की तीसरी खुराक

भारत बायोटेक ने कोरोना वैक्सीन की तीसरी खुराक लगवाने का सही समय बता दिया है। कंपनी का कहना है कि दूसरी खुराक के छह महीने बाद ही तीसरी खुराक दी जानी चाहिए।
2 min read
• •
Updated: 10 Nov 2021, 9:59 PM IST
bharat biotech told about right time for third dose of covid vaccine
bharat biotech told about right time for third dose of covid vaccine

नई दिल्ली। भारत में दुनिया का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान जारी है। इस दौरान विशेषज्ञ कोरोना और कोरोना वैक्सीन को लेकर आए दिन कोई न कोई जानकारी साझा कर रहे हैं। अब कोरोना वैक्सीन निर्माता कंपनी भारत बायोटेक ने वैक्सीन की तीसरी खुराक लेने का सही समय बताया है। बायोटेक के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक कृष्णा एल्ला ने बताया कि कोरोना रोधी वैक्सीन की दूसरी डोज के छह महीने बाद ही तीसरी डोज दी जानी चाहिए, यही सबसे उचित समय है।

तीसरी खुराक लेने का सही समय
उन्होंने कहा कि कोरोना वैक्सीन की दूसरी खुराक के छह महीने बाद ही तीसरी खुराक दी जानी चाहिए। यह तीसरी खुराक के लिए यही सबसे उचित समय है। इस दौरान कृष्ण एल्ला ने नाक से दिए जाने वाली नेजल वैक्सीन के महत्व पर भी जोर दिया। उनका दावा है कि भारत बायोटेक 'जीका' रोधी टीका बनाने वाली दुनिया की पहली कंपनी है। ये बातें भारत बायोटेक के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक कृष्णा एल्ला ने एक कार्यक्रम में कहीं।

जल्द आएगी कोरोना की नेजल वैक्सीन
नेजल वैक्सीन के महत्व के बारे में उन्होंने कहा कि पूरा विश्व ऐसे टीके चाहता है। संक्रमण रोकने का यही एकमात्र तरीका है। हर कोई 'इम्यूनोलाजी' का पता लगाने की कोशिश कर रहा है। खुशी की बात यह है कि भारत बायोटेक ने इसका पता लगा लिया है। एल्ला ने दावा किया कि जल्द ही हम कोरोना की नेजल वैक्सीन भी लॉन्च करेंगे। इससे लोगों को और राहत मिलेगी, वहीं यह भारत का कोरोना के खिलाफ लड़ाई में महत्वपूर्ण कदम होगा।

एल्ला ने बताया अभी हम इस बात पर विचार कर रहे हैं कि क्या कोवैक्सीन की दूसरी खुराक को नाक से दिया जा सकता है। अगर दूसरी खुराक को यदि आप नाक से देते हैं तो यह संक्रमण को फैलने से रोकने में कितना मददगार साबित होगा। इस दौरान एल्ला ने पीएम मोदी का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी भारत बायोटेक की कोरोना वैक्सीन 'कोवैक्सीन' पर भरोसा जताया है। यह उनका भारतीय विज्ञान में भरोसे को दिखाता है।

Published on: