प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को घोषणा की कि वरिष्ठ भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी को भारत के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार भारत रत्न से सम्मानित किया जाएगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को घोषणा की कि वरिष्ठ भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी को भारत के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार भारत रत्न से सम्मानित किया जाएगा। पीएम मोदी ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर लिखा, "उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया जाना मेरे लिए बहुत भावनात्मक क्षण है।" इस पोस्ट के साथ उन्होंने आडवाणी के साथ दो तस्वीरें भी शेयर कीं। प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने पूर्व उपप्रधानमंत्री श्री आडवाणी से बात की है और उन्हें यह सम्मान मिलने पर बधाई दी है।
अडवाणी के बारे में पीएम मोदी ने कही ये बातें
पीएम मोदी ने लिखा, "लालकृष्ण अडवाणी हमारे समय के सबसे सम्मानित राजनेताओं में से एक हैं और भारत के विकास में उनका योगदान अविस्मरणीय है। उनका जीवन जमीनी स्तर पर काम करने से शुरू होकर हमारे उपप्रधानमंत्री के रूप में देश की सेवा करने तक का है।" उन्होंने कहा, "उन्होंने खुद को हमारे गृह मंत्री और सूचना एवं प्रसारण मंत्री के रूप में भी प्रतिष्ठित किया। उनके संसदीय हस्तक्षेप हमेशा अनुकरणीय और समृद्ध अंतर्दृष्टि से भरे रहे हैं।"
पीएम ने की आडवाणी जी के जीवन की पारदर्शिता की प्रशंसा
पीएम मोदी ने कहा, "सार्वजनिक जीवन में आडवाणी जी की दशकों लंबी सेवा को पारदर्शिता और अखंडता के प्रति अटूट प्रतिबद्धता द्वारा चिह्नित किया गया है, जिसने राजनीतिक नैतिकता में एक अनुकरणीय मानक स्थापित किया है।" 96 वर्षीय अडवाणी की प्रशंसा करते हुए, प्रधान मंत्री ने कहा कि आडवाणी की "सार्वजनिक जीवन में दशकों लंबी सेवा को पारदर्शिता और अखंडता के प्रति अटूट प्रतिबद्धता द्वारा चिह्नित किया गया है जिसने राजनीतिक नैतिकता में एक अनुकरणीय मानक स्थापित किया है।" पीएम मोदी ने कहा, उन्होंने राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक पुनरुत्थान को आगे बढ़ाने की दिशा में अद्वितीय प्रयास किए हैं। उन्होंने कहा, "मैं इसे हमेशा अपना सौभाग्य मानूंगा कि मुझे उनके साथ बातचीत करने और उनसे सीखने के अनगिनत अवसर मिले।"
भाजपा के सबसे लंबे समय अध्यक्ष रहे आडवाणी
लालकृष्ण आडवाणी ने 1980 में अपनी स्थापना के बाद से सबसे लंबे समय तक भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष के रूप में कार्य किया है। उन्हें 90 के दशक में भाजपा के उत्थान की रूपरेखा तैयार करने का भी श्रेय दिया जाता है, जब वह अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में गठबंधन सरकारों के प्रमुख के रूप में पहली बार सत्ता में आई थी। उन्होंने 2002 से 2004 तक अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली कैबिनेट में उप प्रधान मंत्री के रूप में कार्य किया।
यह भी पढ़ें -