
बिहार में हुए जातिगत जनगणना की आग अब देश के अन्य राज्यों में भी फ़ैल रही है। आंध्र प्रदेश के सीएम वाईएस जगन मोहन रेड्डी की अध्यक्षता में कैबिनेट ने राज्य में व्यापक जाति-आधारित जनगणना करने सहित बड़े फैसले लिए। बता दें कि पिछले ही महीने बिहार की नीतीश सरकार ने जाति डेटा सर्वेक्षण के आंकड़े जारी किया था। जगन मोहन की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि यह उत्पीड़ित वर्गों के जीवन को बेहतर बनाने और उनके सामाजिक सशक्तिकरण को अगले स्तर पर ले जाने में सहायक होगा। इसके अलावा मीटिंग के दौरान कैबिनेट ने जगनन्ना आरोग्य सुरक्षा की सराहना की, जिसमें अब तक 11,700 शिविर आयोजित किए गए है और 6.4 करोड़ मेडिकल टेस्ट किए गए।
कर्नाटक में भी शुरु होने वाली है
कांग्रेस नेता राहुल गांधी चुनाव प्रचार के दौरान हर जगह कह रहे हैं कि हमारी सरकार आने के बाद हम जातिगत जनगणना करवाएंगे। इसी कड़ी में कर्नाटक में जहां कांग्रेस की सरकार है वहां के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने कहा था कि उनकी सरकार इस साल नवंबर या दिसंबर में जाति गणना रिपोर्ट स्वीकार कर लेगी। सीएम ने कहा कि रिपोर्ट मंत्रिमंडल के सामने पेश की जाएगी और इस पर चर्चा होगी और उसके बाद कदम उठाया जाएगा।
प्रियंका भी कर रही जातिगत जनगणना कराने की मांग
विपक्षी गठबंधन इंडिया में शामिल कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा भी अपने भाई राहुल गांधी की तरह कई मौकों पर जाति जनगणना कराने की मांग कर चुकी है। चुनावी राज्य मध्य प्रदेश और छतीसगढ़ में भी प्रियंका गांधी ने इसकी मांग की थी। विपक्ष जातिगत जनगणना को बीजेपी द्वारा की जाने वाली हिंदुत्व की राजनीति का काट मान रही है। इसीलिए इंडिया गठबंधन में शामिल हर दल इसे कराने की वकालत कर रहे हैं।