
Bihar Students Protest: पटना। बिहार की राजधानी पटना में विभिन्न छात्र संगठनों का आंदोलन मंगलवार को तेज हो गया। अपनी मांगों को लेकर बड़ी संख्या में छात्र सड़क पर उतर आए हैं। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की ओर से की गई बैरिकेडिंग को तोड़ने की कोशिश की, जिससे मौके पर तनाव की स्थिति बन गई। इस बीच शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी का बड़ा बयान सामने आया है। शिक्षा मंत्री ने दावा किया है कि राज्य सरकार ने अभ्यर्थियों की लगभग सभी मांगों को पूरा कर दिया है। इसके साथ ही उन्होंने आंदोलन का समर्थन कर रहे नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर तीखा हमला बोला है।
पटना में पत्रकारों से बातचीत करते हुए शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि मुझे यह देखकर हैरानी होती है कि जिस व्यक्ति ने खुद कभी बोर्ड परीक्षा नहीं दी, वह आज परीक्षाओं को लेकर सुझाव दे रहा है। मैं तेजस्वी यादव से कहूंगा कि वे पहले बिहार के किसी सरकारी स्कूल में दाखिला लें, दसवीं की परीक्षा पास करें और फिर हमें परीक्षाओं के आयोजन पर सलाह देने आएं।
शिक्षा मंत्री ने उन्होंने कहा कि छात्रों ने जिन भी मुद्दों को उठाया था, उनमें से लगभग सभी मांगों का समाधान कर दिया गया है। इसके बावजूद अगर किसी अभ्यर्थी को सरकार के समक्ष अपनी कोई बात रखनी है, तो हमारे दरवाजे बातचीत के लिए हमेशा खुले हैं। छात्र आएं, बात करें और समाधान निकालें, यह सरकार उन्हीं की है।
वहीं , अपनी मांगों को लेकर बड़ी संख्या में छात्र सड़क पर उतर आए हैं और लोक भवन मार्च के लिए तैयार हैं। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की ओर से की गई बैरिकेडिंग को तोड़ने की कोशिश की, जिससे मौके पर तनाव की स्थिति बन गई। छात्र संगठन पहले ही मुख्यमंत्री आवास घेराव की घोषणा कर रखी है।
छात्रों के प्रस्तावित मार्च को देखते हुए पटना में पहले से ही सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। गांधी मैदान, जेपी गोलंबर, डाकबंगला चौराहा और आयकर गोलंबर समेत लोकभवन जाने वाले मार्गों पर अतिरिक्त पुलिसकर्मियों और अधिकारियों की तैनाती की गई है। डाकबंगला चौराहा पर भारी लोहे की चादरों से विशेष बैरिकेडिंग की गई है।
प्रदर्शनकारी छात्र लगातार बैरिकेडिंग के पास जुट रहे हैं और लोकभवन की ओर आगे बढ़ने का प्रयास कर रहे हैं। पुलिस उन्हें रोकने की कोशिश की। पुलिस अधिकारियों को प्रदर्शनकारियों की गतिविधियों पर नजर रखने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। छात्रों की मुख्य मांग बिहार लोक सेवा आयोग की शिक्षक भर्ती परीक्षा टीआरई-4 में निगेटिव मार्किंग समाप्त करने और परीक्षा एकल चरण में कराने की है। इन दोनों मांगों पर सोमवार को सरकार और छात्र संगठनों के बीच हुई वार्ता में सहमति नहीं बन सकी थी।