
Bihar Election: बिहार में साल के अंत तक विधानसभा चुनाव होने है। विधानसभा चुनाव को लेकर सरगर्मियां भी तेज हो गई है। इसी बीच AIMIM प्रमुख और सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने महागठबंधन में शामिल होने की अपनी इच्छा व्यक्त कर दी है। उन्होंने कहा कि उन्होंने 2020 के विधानसभा चुनाव में महागठबंधन में शामिल होने की कोशिश की थी, लेकिन बातचीत विफल रही। साथ ही कहा कि बीजेपी के नेतृत्व वाले NDA को सत्ता में लौटने से रोकने के लिए अब महागठबंधन में शामिल हो सकते हैं।
AIMIM सांसद ओवैसी ने कहा कि इस बारे में प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल ईमान ने महागठबंधन के कुछ नेताओं के साथ बातचीत की है और स्पष्ट रूप से कहा कि हम नहीं चाहते कि सत्ता में एक बार फिर से एनडीए आए। अब इन राजनीतिक दलों पर निर्भर है कि वे एनडीए को रोकना चाहते है या नहीं।
असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि इस बार भी हमारे प्रदेश अध्यक्ष प्रयास कर रहे हैं। लेकिन यह उन पर निर्भर है। हम सीमांचल और सीमांचल के बाहर भी चुनाव लड़ेंगे। अगर वे तैयार नहीं हैं, तो मैं हर जगह चुनाव लड़ने के लिए तैयार हूं। सही समय का इंतजार करें - सीटों की सही संख्या की घोषणा करना अभी जल्दबाजी होगी।
हालांकि इससे पहले AIMIM पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल ईमान ने कहा कि पार्टी ने राजद प्रमुख लालू प्रसाद और कांग्रेस नेतृत्व दोनों को अपनी इच्छा से अवगत करा दिया है। उन्होंने कहा, "हम उनके जवाब का इंतजार कर रहे हैं। हम इस तथ्य के बावजूद कि राजद ने हमारे चार विधायकों को तोड़ दिया, आपसी मतभेद भुलाने के लिए तैयार हैं। हम इन मुद्दों से आगे बढ़कर एनडीए को हराने के बड़े लक्ष्य को हासिल करना चाहते हैं।"
बता दें कि बिहार विधानसभा चुनाव 2020 में AIMIM पार्टी से महागठबंधन को नुकसान हुआ था। 2020 में AIMIM ने सीमांचल क्षेत्र में पांच सीटें जीती थी। हालांकि बाद में 2022 में एआईएमआईएम के पांच में से चार विधायक राजद में शामिल हो गए थे।
यदि विधानसभा चुनाव 2025 में असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी महागठबंधन में शामिल होती है तो महागठबंधन को फायदा होगा। क्योंकि कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल दोनों पारंपरिक रूप से यादव और मुस्लिम समुदायों के मजबूत समर्थन पर निर्भर रहे हैं। यदि AIMIM महागठबंधन में शामिल होती है तो मुस्लिम वोट बैंक महागठबंधन को मिलेगा। इससे महागठबंधन को फायदा होगा।