
Bihar Encounter: पटना के मनेर में हुए पुलिस एनकाउंटर के बाद बिहार की राजनीति गरमा गई है। सत्ताधारी जनता दल (यूनाइटेड) के नेता श्याम रजक ने सरकार की की नीति का समर्थन करते हुए पुलिस की इस कार्रवाई को अपराध और अपराधियों के खिलाफ बड़ा प्रहार बताया है। वहीं, मनेर से राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के विधायक भाई वीरेंद्र ने आरोप लगाया है कि यह एनकाउंटर खास तौर पर कुछ जातियों को निशाना बनाकर किया गया है। लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने भी एनकाउंटर कल्चर पर सवाल उठाए हैं और इस घटना की न्यायिक जांच की मांग की है।
मनेर से RJD के वरिष्ठ विधायक भाई वीरेंद्र ने इस ट्रिपल एनकाउंटर के पीछे सरकार के इरादों पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि बिहार की जनता अब समझ गई है कि दो खास समुदायों मुसलमानों और यादवों को जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है।
उन्होंने तर्क दिया कि राज्य की आबादी में इन दोनों समूहों की हिस्सेदारी क्रमशः लगभग 15 प्रतिशत और 19 प्रतिशत है, इसीलिए राजनीतिक बदले की भावना से निशाना बनाया जा रहा है, इन पर झूठे मामले दर्ज किए जा रहे हैं, बिना जमानत के जेल में डाला जा रहा है और पुलिस एनकाउंटर के नाम पर मार दिया जा रहा है।
भाई वीरेंद्र ने यह भी सवाल किया कि न्यायपालिका समाज के गरीब तबकों से जुड़े मामलों में ही इतनी सख्ती क्यों दिखाती है, जबकि कुख्यात या हाई-प्रोफाइल अपराधियों के मामलों में ऐसा रुख देखने को नहीं मिलता।
RJD सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने भी मनेर एनकाउंटर पर स्वया उठाया है। सोशल मीडिया एक्स पर किए एक पोस्ट में उन्होंने लिखा कि मनेर में हुआ पुलिस एनकाउंटर बिहार में कानून के राज को लेकर सरकार के दावों पर एक काला धब्बा है। यह मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रशासन द्वारा किए जा रहे पुलिस दमन का एक और उदाहरण है।
रोहिणी ने कहा कि किसी भी अपराधी को सजा देने का अधिकार केवल अदालत के पास है, मगर एनकाउंटर करवाकर सरकार खुलेआम संविधान और मानवाधिकारों को कुचल रही है।
रोहिणी ने कहा कि एनकाउंटर संस्कृति बंद होनी चाहिए। उन्होंने एक स्वतंत्र न्यायिक आयोग से मनेर एनकाउंटर की निष्पक्ष जांच कराने की अपील की और कहा कि इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।
RJD द्वारा लगाए गए आरोपों का कड़ा जवाब देते हुए वरिष्ठ JDU नेता श्याम रजक ने विपक्ष के दावों को पूरी तरह से बेबुनियाद बताया। उन्होंने कहा कि अपराधी सिर्फ एक अपराधी होता है, उसकी कोई जाति या धर्म नहीं होता। उन्होंने कहा कि 2005 में जब नीतीश कुमार के नेतृत्व में सरकार बनी थी, तब यह स्पष्ट कर दिया गया था कि अपराध या भ्रष्टाचार के मामले में कोई समझौता नहीं किया जाएगा, किसी निर्दोष को फंसाया नहीं जाएगा और किसी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। श्याम रजक ने कहा कि मौजूदा सरकार भी इस जीरो टॉलरेंस नीति के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है और अपराधियों के साथ कोई नरमी नहीं बरती जाएगी।
श्याम रजक ने आगे कहा कि जो लोग कानून को अपने हाथ में लेने की कोशिश करते हैं, उन्हें या तो अपना आपराधिक रास्ता छोड़ देना चाहिए या फिर जेल जाने के लिए तैयार रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर अपराधी धरती के सबसे दूर-दराज के कोने या फिर पाताल में भी जाकर छिप जाएं, तो भी पुलिस उन्हें ढूंढ निकालेगी।
पुलिस की कार्रवाई का बचाव करते हुए उन्होंने कहा कि अगर कोई अपराधी पुलिस या निर्दोष नागरिकों पर गोली चलाता है, तो पुलिस आत्मरक्षा में एनकाउंटर करने से पीछे नहीं हटेगी। कानून के शासन को बनाए रखने के लिए ऐसे लोगों को एक स्पष्ट संदेश देना जरूरी है, या तो अपनी हरकतें सुधार लें या फिर कानून की पूरी सख्ती का सामना करने के लिए तैयार रहें।