गैस की कमी को पूरा करने के लिए अमरीका, कनाडा और मैक्सिको से सप्लाई बढ़ने की उम्मीद है। पश्चिमी अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के नए प्रोजेक्ट से भी बाजार को अतिरिक्त गैस मिलेगी। IEA के मुताबिक, नए प्रोजेक्ट से करीब 18 अरब घन मीटर और पहले से चल रहे संयंत्रों से 3 अरब घन मीटर अतिरिक्त गैस मिलने का अनुमान है।