
अब्बास अराघची (Photo - ANI)
Strait of Hormuz reopening: होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर कूटनीतिक हलचल तेज हो गई है। कतर की मध्यस्थता में हो रही बातचीत के बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने पुष्टि की है कि इस जलमार्ग को फिर से खोलने के लिए एक संशोधित 2-दिवसीय योजना तैयार की गई है। ईरान ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि अमेरिका उसकी वित्तीय और रणनीतिक शर्तों को मान लेता है, तो महज 48 घंटों के भीतर यह मार्ग अंतरराष्ट्रीय जहाजों के लिए खोल दिया जाएगा।
अंतरराष्ट्रीय समाचार चैनल अल जजीरा के साथ एक इंटरव्यू में ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने इस समझौते के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया की इस समय जिस योजना पर विचार चल रहा है, वह मूल रूप से वही है जो ईरान ने शुरुआत में 7 दिवसीय योजना के रूप में पेश की थी, जिसमें होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के लिए कुछ विशेष शर्तें रखी गई थीं।
उन्होंने बताया कि कतर ने अनुरोध किया था कि इस समयसीमा को सात दिन से घटाकर पांच दिन या उससे भी कम कर दिया जाए, जिस पर कतर के प्रतिनिधिमंडल के दौरे के दौरान काम किया गया। अराघची ने आगे कहा की अब हम एक ऐसी योजना पर पहुंच चुके हैं जो इसे लागू करने के समय को घटाकर केवल दो दिन कर देती है। इसके बाद दूसरे दिन होर्मुज जलडमरूमध्य को खोल दिया जाएगा और जहाजों का आवागमन पहले की तरह पूरी तरह सामान्य हो जाएगा।
ईरान के वित्तीय संकट और सुरक्षा बलों को वेतन न दे पाने के अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दावों पर प्रतिक्रिया देते हुए अराघची ने तेहरान का पक्ष स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि भले ही देश गंभीर आर्थिक दबाव का सामना कर रहा है, लेकिन वह इसके आगे कभी नहीं झुकेगा। ईरान अपनी आर्थिक कठिनाइयों के कारण अपने आत्म-सम्मान और गरिमा का सौदा नहीं करेगा। हम अपनी संप्रभुता और स्वतंत्रता की बलि नहीं दे सकते। हम मजबूती से डटे रहेंगे और अपनी ताकत के दम पर इन सभी चुनौतियों से पार पा लेंगे।
ईरान की सैन्य तैयारियों और राजनयिक प्रयासों का जिक्र करते हुए अराघची ने कहा कि देश के सशस्त्र बल किसी भी संभावित संघर्ष के लिए पहले से कहीं अधिक तैयार और सतर्क हैं। उन्होंने पूरे यकीन के साथ कहा कि अगर युद्ध छिड़ता है, तो पिछली लड़ाइयों की तरह अमेरिकी अपने किसी भी मंसूबे में कामयाब नहीं होंगे, बल्कि यह जंग उनकी पिछली नाकामियों की लंबी सूची में एक और हार जोड़ देगी।
अराघची ने अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के उस पत्र पर भी प्रतिक्रिया दी, जो कतरी मध्यस्थों के जरिए ईरान तक पहुंचा था। उन्होंने बताया कि इस पत्र का मुख्य उद्देश्य बातचीत की प्रक्रिया को जीवित रखना और दोनों पक्षों के बीच गहरे मतभेदों का शांतिपूर्ण समाधान खोजना है।
अराघची ने इस पत्र को संवाद के रास्ते खुले रखने की दिशा में एक सकारात्मक कदम बताया। हालांकि, उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, "अगर यह पत्र केवल फूट डालने या कलह पैदा करने के इरादे से भेजा गया है, तो यह अतीत में अमेरिकियों द्वारा की गई गलतियों की श्रृंखला में एक और बड़ी ऐतिहासिक भूल साबित होगी।"
Updated on:
1 Nov 2026, 7:37 AM IST
Published on:
1 Nov 2026, 7:37 AM IST
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