
बिहार में विधान परिषद चुनाव के बाद निर्दलीय निर्वाचित हुए दो विधान पार्षदों के बीजेपी में शामिल होने को लेकर सियासी हलचल बढ़ गई है। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने इसे संविधान की दसवीं अनुसूची का उल्लंघन बताते हुए दोनों की सदस्यता खत्म करने की मांग की है।
इस बीच, जदयू एमएलसी नीरज कुमार ने भी बड़ा बयान दिया है। उन्होंने खुलकर कहा है कि दोनों एमएलसी अपनी इच्छा से भाजपा में शामिल हुए हैं, इस किसी को कोई भी आपत्ति नहीं होनी चाहिए।
बता दें कि आरजेडी सांसद मनोज झा ने कहा है कि अगर विधान परिषद के सभापति ने इस मामले में कार्रवाई नहीं की तो उनकी पार्टी अदालत का दरवाजा खटखटाएगी और सड़क पर भी आंदोलन करेगी।
मनोज झा ने इस मुद्दे पर बीजेपी पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी अपने राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल कर दूसरे दलों को कमजोर करने में लगी है। उन्होंने इसे जनादेश की चोरी करार दिया।
आरजेडी सांसद मनोज झा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान निर्दलीय विधान पार्षद बंशीधर बृजवासी और राहुल राज की तस्वीरें भी दिखाईं। इन तस्वीरों में दोनों बीजेपी की सदस्यता लेते नजर आ रहे हैं। मनोज झा का कहना है कि दोनों नेताओं ने निर्दलीय चुनाव जीतने के बाद बीजेपी की सदस्यता ग्रहण की है।
मनोज झा ने अपनी मांग के समर्थन में संविधान की दसवीं अनुसूची के पैराग्राफ 2(2) का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इस प्रावधान के मुताबिक, कोई व्यक्ति अगर निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव जीतता है तो वह बाद में किसी राजनीतिक दल की सदस्यता ग्रहण नहीं कर सकता।
उन्होंने कहा कि बंशीधर बृजवासी और राहुल राज ने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव जीता था, चुनाव के दौरान दोनों उम्मीदवारों ने भाजपा के खिलाफ प्रचार किया, इसके बावजूद दोनों के बीजेपी में शामिल होने पर उनकी सदस्यता पर सवाल खड़े होते हैं।
जेडीयू के विधान पार्षद नीरज कुमार ने इस पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि एमएलसी चुनाव में पार्टी को जितनी जीत की उम्मीद थी, उतनी सफलता नहीं मिल सकी। हालांकि, उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवारों के बीजेपी में शामिल होने पर कहा कि अगर वे बीजेपी की सदस्यता लेना चाहते थे तो उन्होंने ऐसा किया।
नीरज ने मीडिया से बात करते हुए अपनी पार्टी के अंदर चल रहे मतभेदों का फिर से जिक्र किया। उन्होंने बताया कि 5 नवंबर को पार्टी की जीत-हार पर समीक्षा बैठक होने जा रही है, इसमें वह अपनी पूरी बात रखेंगे।
नीरज ने कहा कि वह बैठक में पार्टी नेताओं से पूछेंगे कि आखिर उनका क्या गुनाह था कि उन्हें उम्मीद से कम वोट मिला, चुनाव जीतने के लिए भी उन्हें कड़ा संघर्ष करना पड़ा।