
बिहार में ग्रेजुएट और शिक्षकों की 8 एमएलसी सीटों पर मतदान जारी है। इस बीच मोकामा विधायक अनंत सिंह और जदयू उम्मीदवार नीरज कुमार के समर्थकों के बीच जमकर भिड़ंत हुई, जिसके बाद अनंत सिंह के समर्थकों और उनके करीबी छोटू सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया।
इस एक्शन के बाद अनंत सिंह का अपनी ही पार्टी और नेताओं पर गुस्सा फूट पड़ा है। अपने समर्थक छोटू सिंह की गिरफ्तारी पर जदयू विधायक अनंत सिंह ने कहा- वे (जदयू) सरकार में हैं और उन्होंने मेरे साथ जुल्म किए हैं।
अनंत सिंह ने यह भी कहा- मैं उनका (जदयू) नेता था, फिर भी मेरी तरफ से नीरज को एक बार भी कुछ नहीं कहा गया। चार बार चुनाव के दौरान नीरज ने मेरा विरोध किया। इस बीच सांसद ललन सिंह का भी विरोध किया, लेकिन तब भी पार्टी ने कुछ नहीं कहा। अब पार्टी के लोग जानें की क्या करना।
मीडिया से बात करते हुए अनंत सिंह अपनी पार्टी पर सवाल भी खड़े किए. उन्होंने पूछा कि पार्टी बताए कि नीरज कुमार का जदयू में अब क्या योगदान है। उन्होंने यह भी पूछा कि नीरज ने पार्टी के लिए केवल गाली देने के अलावा क्या योगदान दिया, वो बताएं?
बता दें कि मतदान के बीच अनंत सिंह ने पहले अपने समर्थक और जनसुराज के अनुज सिंह की जीत का दावा कर दिया है। जिसको लेकर उनके आवास पर जश्न का माहौल भी देखने को मिल रहा है।
इस पर उन्होंने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा- जनता ही हमारी मालिक है, हमारा भगवान है। वोट देने की जिम्मेदारी उन्हीं की है। हम जश्न मना रहे हैं। हमने मिठाइयां बांटनी शुरू कर दी हैं और सब लोग उन्हें खा रहे हैं। हम जीतेंगे।
अनंत सिंह ने यह तक कह दिया कि कोई भी दुकान पर जाकर वोट नहीं खरीद सकता। हम जश्न मना रहे हैं और उम्मीद करते हैं कि जिन लोगों को हम भगवान और अपना मालिक मानते हैं, उन्होंने हमें वोट दिया है।