बिहार में ममता देवी और उनके तीन बच्चों की मौत के मामले में पुलिस ने ममता के बॉयफ्रेंड को गिरफ्तार कर जेल भेजा, जबकि पति कृष्ण मोहन से पूछताछ के लिए नोटिस भेजा गया है। मामले की जांच पोस्टमार्टम, मोबाइल कॉल डिटेल और CCTV फुटेज के आधार पर जारी है।
बिहार के मुजफ्फरपुर में एक दर्दनाक घटना ने सबको झकझोर दिया है। ममता देवी और उनके तीन बच्चों की रहस्यमयी मौत के मामले में पुलिस ने अब सख्त कदम उठाना शुरू कर दिया है। ममता के बॉयफ्रेंड अमोद कुमार को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है, जबकि उनके पति कृष्ण मोहन कुमार को पुलिस ने शक के घेरे में लेकर पूछताछ के लिए नोटिस भेजा है।
पुलिस के अनुसार, अमोद कुमार, जो मधुबनी के मीनापुर वार्ड 16 के रहने वाले हैं, ममता के गायब होने के बाद लगातार उनके संपर्क में थे। पेशे से चूड़ा मिल में मजदूर अमोद ने 10 जनवरी के बाद ममता से मोबाइल पर लगातार बातचीत की। इस आधार पर पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजा।
सिटी एसपी मोहिबुल्लाह अंसारी ने बताया कि अमोद ने अपने मोबाइल से कॉल कर कृष्ण मोहन से कहा था कि ममता और बच्चे उनके पास हैं। अमोद लगभग एक साल से ममता से मोबाइल पर संपर्क में था। पूछताछ में कई अहम बिंदु सामने आए हैं। हालांकि, यह अभी स्पष्ट नहीं है कि ममता बच्चों के साथ अमोद के पास गई थीं या केवल मोबाइल पर ही संपर्क में थीं। पुलिस ने अमोद के पास से मोबाइल और सिम भी जब्त किया है, जिससे उन्होंने ममता के गायब होने के बाद कृष्ण मोहन को कॉल की थी।
सिटी एसपी ने बताया कि अब तक की जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, उसके आधार पर ममता के पति कृष्ण मोहन कुमार से पूछताछ अनिवार्य हो गई है। ममता के मायके वालों ने भी पति के खिलाफ कई अहम जानकारियां दी हैं। कृष्ण मोहन को नोटिस भेजकर पुलिस ने उन्हें थाने में हाजिर होने के लिए कहा है। घटना के बाद कृष्ण मोहन अंतिम संस्कार के कार्यों में व्यस्त थे। पोस्टमार्टम और एफएसएल रिपोर्ट के आधार पर ही मौत के कारण का स्पष्ट खुलासा होगा।
मोबाइल लोकेशन और कॉल डिटेल से पुलिस को अब तक कोई सबूत नहीं मिला कि ममता शहर से बाहर गई थीं। गायब होने के बाद उनका मोबाइल शहरी इलाके में ही एक्टिव रहा। पुलिस अब चंदवारा घाट की ओर आती कार और बाइक की भी जांच कर रही है। CCTV फुटेज के आधार पर वाहन की पहचान की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि अमोद और कृष्ण मोहन से पूछताछ के बाद ही मामले का असली खुलासा हो पाएगा। साथ ही, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, एफएसएल जांच और विसरा जांच से मौत की सटीक वजह का पता चलेगा।