
NDA Leaders on Rahul Gandhi: दिल्ली के जंतर-मंतर पर CJP के विरोध प्रदर्शन और प्रस्तावित इंडी गठबंधन के प्रदर्शन को लेकर बिहार में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। बिहार सरकार केमंत्री रामकृपाल यादव और जनता दल (यूनाइटेड) के प्रवक्ता राजीव रंजन ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और विपक्षी गठबंधन पर निशाना साधा। दोनों नेताओं ने विरोध प्रदर्शनों, चुनावी प्रक्रिया पर उठाए जा रहे सवालों और विपक्ष की राजनीतिक रणनीति को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी।
बिहार सरकार के मंत्री रामकृपाल यादव ने जंतर-मंतर पर CJP के विरोध प्रदर्शन को लेकर कहा कि संगठन को प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई थी। इसके बावजूद उसने दिल्ली और देश में अशांति फैलाने तथा अस्थिरता पैदा करने के इरादे से गैरकानूनी प्रदर्शन करने की कोशिश की।उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम को लेकर संगठन की गतिविधियों पर सवाल खड़े किए।
नवरात्रि के पहले दिन रामकृपाल यादव ने मां दुर्गा से देश और सभी लोगों पर आशीर्वाद बनाए रखने की प्रार्थना की। इसके साथ ही उन्होंने CJP और गड़बड़ी पैदा करने वालों, विशेष रूप से कांग्रेस नेता राहुल गांधी को सद्बुद्धि देने की कामना की। साथ ही उन्होंने कहा कि मां दुर्गा उन्हें सही राह दिखाएं।
इंडी गठबंधन के प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि गठबंधन के नेता नाकाम रहे हैं और जनता ने उन्हें नकार दिया है। उन्होंने विपक्षी नेताओं को अगले पांच वर्षों तक इंतजार करने की सलाह दी।
रामकृपाल यादव ने आरोप लगाया कि इस पूरे घटनाक्रम में राहुल गांधी की प्रमुख भूमिका है। उनके मुताबिक, यह रवैया देश, राहुल गांधी के अपने हितों और कांग्रेस संगठन के लिए उचित नहीं है।
उन्होंने विपक्षी नेताओं से कानून अपने हाथ में नहीं लेने की अपील की। साथ ही कहा कि सत्ता में वापसी के सपने देखने के बजाय उन्हें जनता के फैसले का सम्मान करना चाहिए।
जनता दल (यूनाइटेड) के प्रवक्ता राजीव रंजन ने भी विरोध प्रदर्शनों को लेकर विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हर व्यक्ति और संगठन को असहमति जताने का अधिकार है, लेकिन अराजकता को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
राजीव रंजन ने कहा कि लोकसभा में विपक्ष के नेता होने के नाते राहुल गांधी से जिम्मेदार व्यवहार की अपेक्षा की जाती है। उन्होंने विपक्षी नेताओं से लोकतांत्रिक मर्यादाओं का पालन करने की बात कही।
चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर उठाए जा रहे सवालों को लेकर राजीव रंजन ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने सबूत मांगे हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने प्रतिनिधिमंडल से उपलब्ध साक्ष्य पेश करने को कहा है।
जदयू प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी चुनाव में जीत मिलने पर चुनाव आयोग पर सवाल नहीं उठाते, लेकिन हार के बाद चुनावी व्यवस्था की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करने लगते हैं। उन्होंने विपक्ष के इस रुख की आलोचना की।
राजीव रंजन ने कांग्रेस सांसद और प्रोफेसर अंगोमचा बिमोल अकोइजम पर लगे यौन शोषण के आरोपों को लेकर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इस मामले पर राहुल गांधी की चुप्पी पर सवाल उठाया।
राजीव रंजन ने कहा कि यदि ऐसा मामला भाजपा या एनडीए के किसी नेता से जुड़ा होता, तो राहुल गांधी की प्रतिक्रिया अलग होती। इस बयान के साथ उन्होंने कांग्रेस नेता पर अलग-अलग मामलों में अलग रुख अपनाने का आरोप लगाया।