Dial 112 for women safe travel: राज्य पुलिस द्वारा महिलाओं की यात्रा सुरक्षित बनाने के लिए बिहार पुलिस ने एक इमरजेंसी नंबर जारी किया है। यह व्यवस्था बिहार से पहले दो अन्य राज्यों में शुरू की जा चुकी है।
Dial 112in Bihar: बिहार की सड़कों पर अकेले यात्रा करने वाली महिलाएं अब अपनी सुरक्षा सुनिश्चित (Safe travel for women in Bihar) करने के लिए सिर्फ एक कॉल से पुलिस को उनकी गतिविधियों पर नज़र रखने के लिए कह सकती हैं। त्योहारों का मौसम नजदीक आने के साथ, बिहार पुलिस ने महिला यात्रियों के लिए एक नई सुरक्षा पहल शुरू की है - एक निगरानी प्रणाली जो पुलिस को महिला यात्री की गतिविधियों को शुरू से अंत तक शारीरिक और डिजिटल दोनों तरह से ट्रैक करने में मदद करेगी।
पुलिस के अनुसार, "सुरक्षित यात्रा" पहल के लिए विभाग ने टेलीफोन नंबर 112 जारी किया है। यह नंबर राज्य पुलिस की आपातकालीन सेवाओं का हिस्सा होगी। महिलाओं को अपनी यात्रा की निगरानी के लिए पुलिस से संपर्क करने के लिए सिर्फ नंबर डायल करना होगा।
बिहार से पहले तेलंगाना और हरियाणा में यह सुविधा शुरू की जा चुकी है। यह सुविधा सड़क यात्रा तक ही सीमित है। यह पहल छह जिलों पटना, गया, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, बेगुसराय और नालंदा में एक पायलट प्रोजेक्ट के रूप में 5 सितंबर को शुरू होगी और अंततः 15 सितंबर से सभी 38 जिलों में विस्तारित की जाएगी।
बिहार के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (तकनीकी और वायरलेस) निर्मल कुमार आजाद ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा, "हमने देखा है कि डायल 112 की हमारी आपातकालीन सेवा के तहत कॉल करने वालों में 25 प्रतिशत महिलाएं हैं।" उन्होंने कहा कि सुरक्षित यात्रा पहल चौबीसों घंटे उपलब्ध होगी।
पुलिस के अनुसार, इस पहल का तात्कालिक कारण 9 से 13 अक्टूबर तक दुर्गा पूजा के साथ शुरू होने वाले त्योहारी सीजन की शुरुआत है। पुलिस की यह सेवा ऐसे समय में आया है जब कोलकाता में एक डॉक्टर के बलात्कार और हत्या ने राष्ट्रीय स्तर पर आक्रोश पैदा किया है और एक बार महिला सुरक्षा को लेकर एक बार फिर बहस छिड़ गई है।
पुलिस ने बताया कि डायल 112 पर आए कॉल को लेकर विभाग कैसे काम करेगी। पुलिस अधिकारी आजाद के अनुसार, एक पुलिस टीम उस वाहन का विवरण लेगी जिसमें महिला कॉल करने वाली यात्रा कर रही थी और उसकी पूरी यात्रा के दौरान उसका पता लगाएगी। महिला अपनी लाइव लोकेशन भी पुलिस के साथ साझा कर सकती है। इस बीच स्थानीय पुलिस स्टेशनों को अलर्ट पर रखा जाएगा। इसके लिए पुलिस टीमों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है।
पुलिस अधिकारी ने कहा, "(पुलिस) टीम नियमित अंतराल पर महिला यात्री को भी कॉल करेगी और यदि उसका फोन पहुंच से बाहर है तो एक आपातकालीन प्रतिक्रिया वाहन महिला के वाहन का पता लगाएगा। इस पहल से महिला यात्रियों का “आत्मविश्वास बढ़ेगा।” उन्होंने कहा, “चूंकि आने वाले त्योहारी सीज़न के दौरान देर रात की यात्राएं हो सकती हैं इसलिए यह पहल काम आ सकती है।”