गुजरात में विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी सरकार यूनिफॉर्म सिविल कोड का दांव चल सकती है। सूत्रों के मुताबिक सरकार एक कमेटी गठित कर सकती है। वहीं, यूनिफॉर्म सिविल कोड को लेकर कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने बीजेपी पर हमला बोला है।
गुजरात में इसी साल विधानसभा चुनाव होने वाले है। इन चुनाव से पहले बीजेपी, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी वोटरों को लुभाने के लिए कई घोषणाएं कर रहे है। बहुत जल्द चुनाव की तारीखों को ऐलान होने वाले है। इसी बीच चुनावी मैदान से बड़ी खबर आ रही है। गुजरात में चुनाव से पहले मौजूदा बीजेपी सरकार यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू करने की तैयारी में है। माना जा रहा है कि आज कैबिनेट की बैठक में सरकार एक कमेटी के गठन की घोषणा कर सकती है। गुजरात चुनाव से पहले बीजेपी का यह मास्टर स्टॉक माना जा रहा है।
सूत्रों के मुताबिक सरकार एक कमेटी गठित कर सकती है। यह कमेटी समान नागरिक संहिता की संभावनाएं तलाशेगी। इसके लिए विभिन्न पहलुओं का मूल्यांकन किया जाएगा। हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज इस कमेटी की अध्यक्षता करेंगे। जानकारी के मुताबिक इस मामले में वह दोपहर तीन बजे एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सकते है।
यूनिफॉर्म सिविल कोड का मतलब अलग-अलग धर्म ग्रंथों और रीति-रिवाजों पर आधारित पर्सनल लॉ की जगह देश में हर एक नागरिकों पर लागू होने वाला एक समान नागरिक संहिता कानून है। यूनिफॉर्म सिविल कोड का सीधा मतलब देश के हर नागरिक के लिए एक समान कानून है।
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यूनिफॉर्म सिविल कोड को लेकर कांग्रेस और आप पार्टी ने बीजेपी पर निशाना साधा है। कांग्रेस नेता शक्ति सिंह गोहिल ने कहा कि संविधान के मुताबिक यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू करने का अधिकार राज्य सरकार के पास है ही नहीं, बल्कि यह केंद्र सरकार के अधिकार में आता है। बीजेपी पर हमला करते हुए कहा कि असली मुद्दों बेरोजगारी, एजुकेशन, महंगाई पर सरकार चर्चा नहीं करती है। वहीं, आप पार्टी का कहना है कि चुनाव से पहले बीजेपी कुछ भी कर लें, इसका कोई फर्क नहीं पड़ने वाला।