
Jantar Mantar Protest Row: BJP नेता और पूर्व सांसद रमेश बिधूड़ी ने जंतर-मंतर पर हुए छात्र प्रदर्शन को लेकर विवादित टिप्पणी की है। यह प्रदर्शन नीट पेपर लीक (NEET Paper Leak) मामले को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की ओर से आयोजित किया गया था। बिधूड़ी ने दावा किया कि प्रदर्शन में वास्तविक छात्रों की संख्या कम थी और वहां अन्य लोग अधिक मौजूद थे। उनके बयान के बाद राजनीतिक माहौल फिर गर्म हो गया है।
रमेश बिधूड़ी ने कहा कि जंतर-मंतर पर छात्रों से ज्यादा ऐसे लोग मौजूद थे जो पंचर बनाने और चाबी बनाने का काम करते हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान PM नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया। बिधूड़ी ने कहा कि किसी छात्र से इस तरह की भाषा की उम्मीद नहीं की जा सकती और प्रदर्शन में शामिल कुछ लोगों ने मर्यादा की सीमाएं पार कीं।
PM नरेंद्र मोदी ने 31 जुलाई की रात सोशल मीडिया के माध्यम से युवाओं को संबोधित करते हुए जंतर-मंतर प्रदर्शन का जिक्र किया था। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों ने उनके और उनकी दिवंगत मां के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया। PM ने कहा कि ऐसी भाषा किसी भी सभ्य समाज के अनुरूप नहीं है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि वह युवाओं को माफ करते हैं और उनसे सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ने की अपील की।
नीट पेपर लीक मामले को लेकर विपक्षी दलों और छात्र संगठनों ने लगातार केंद्र सरकार पर सवाल उठाए। विभिन्न राजनीतिक दलों ने तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी की थी। 20 जुलाई को आयोजित 'चलो संसद' मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच झड़प हुई थी, जिसके वीडियो सोशल मीडिया पर भी व्यापक रूप से साझा किए गए। इसके बाद देश के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन जारी रहे।
शुरुआत में सरकारी सूत्रों की ओर से कहा गया था कि तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देंगे। हालांकि बाद में उन्होंने पद छोड़ दिया। सरकार ने मामले में कार्रवाई करते हुए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के 47 कर्मचारियों के खिलाफ भी अनुशासनात्मक कदम उठाए। सरकार का कहना था कि परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
रमेश बिधूड़ी इससे पहले भी अपने बयानों को लेकर विवादों में रह चुके हैं। सितंबर 2023 में संसद के विशेष सत्र के दौरान उनके भाषण के कुछ हिस्सों को लेकर व्यापक राजनीतिक विवाद हुआ था। इस दौरान रमेश बिधूड़ी ने 1 मिनट तक लगातार 11 गालियां दीं थी। उस समय विपक्षी दलों ने उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। साथ ही संसद में भी इस मुद्दे पर काफी चर्चा हुई थी।