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‘सिर कलम करने की धमकी, फिर भी दिए सिर्फ 4 पुलिसकर्मी’, पप्पू यादव के वकील का दिल्ली पुलिस पर आरोप

Pappu Yadav News: पप्पू यादव की प्रेस कॉन्फ्रेंस में हुए हंगामे के बाद उनके वकील ने दिल्ली पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए और सांसद क खिलाफ साजिश की शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई।
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pappu yadav press conference

पप्पू यादव के वकील ने दिल्ली पुलिस पर लगाए आरोप (फोटो- ANI)

Pappu Yadav attack: बिहार के पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव के दिल्ली स्थित आवास पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान चप्पल और चाकू से हमले की कोशिश के बाद हंगामा मच गया। इस घटना के बाद सांसद के कानूनी सलाहकार और वकील ने दिल्ली पुलिस और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दिल्ली पुलिस पर सत्ताधारी पार्टी के साथ मिलीभगत का आरोप लगाते हुए कहा कि छह बार के सांसद के खिलाफ रची गई साजिश में पुलिस बल की भी मिलीभगत थी।

वकील ने हमले को दिल्ली पुलिस की विफलता बताया

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान हुई हाथापाई की निंदा करते हुए सांसद पप्पू यादव के वकील ने कहा कि इस घटना ने दिल्ली पुलिस की बड़ी विफलता, आपराधिक लापरवाही और साजिश रचने वाली मानसिकता को उजागर किया है, साथ ही छह बार के सांसद के खिलाफ रची गई साजिश में सत्ताधारी पार्टी के प्रति उनके पक्षपात को भी दिखाया है।

वकील ने सवाल उठाया कि क्या इसे पुलिस की विफलता कहा जाए या मिलीभगत, क्योंकि वे दो दिनों से रिपोर्ट और लिखित शिकायतों के माध्यम से चेतावनी दे रहे थे कि सांसद के खिलाफ एक बड़ी साजिश रची जा रही थी।

पप्पू यादव को मिल रही थी धमकी

सुरक्षा में चूक का ज़िक्र करते हुए वकील ने दावा किया कि सांसद को कई दिनों से जान से मारने की धमकियां मिल रही थीं और दिल्ली पुलिस के सीनियर अधिकारियों को इस बारे में लिखित में जानकारी दी गई थी। उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया पर ऐसी पोस्ट और ट्वीट घूम रहे थे जिनमें सांसद का सिर काटने वाले को 51 लाख रुपये का इनाम देने की बात कही गई थी। इसके अलावा, आक्रामक लोग और साधु के भेष में कुछ लोग उनकी पत्नी (राज्यसभा सांसद रंजीत रंजन) के घर पर आ रहे थे। इन चेतावनियों के बाद भी पुलिस प्रशासन कोई ठोस कदम उठाने में नाकाम रहा।

सुरक्षा के लिए दिए सिर्फ 3-4 पुलिसकर्मी

दिल्ली पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था की आलोचना करते हुए वकील ने कहा कि कई शिकायतों के बावजूद पुलिस ने आश्वासन दिया था कि पूरी सुरक्षा दी जाएगी। लेकिन असल में प्रेस कॉन्फ्रेंस के लिए जमा हुई भारी भीड़ और मीडियाकर्मियों को संभालने के लिए दिल्ली पुलिस ने सिर्फ तीन-चार जवानों की नाममात्र की फोर्स तैनात की थी। जिसमें इंस्पेक्टर रैंक का सिर्फ एक अधिकारी शामिल था। इसी लापरवाही और कम पुलिस फोर्स के कारण ही उपद्रवी बिना किसी डर के प्रेस कॉन्फ्रेंस में घुस आए, चप्पलें फेंकीं और चाकू लहराते हुए आक्रामक व्यवहार किया।

अंतिम सांस तक लड़ेंगे- पप्पू यादव

इस घटना के बाद सांसद पप्पू यादव ने खुद तिलक मार्ग पुलिस स्टेशन जाकर औपचारिक लिखित शिकायत दर्ज कराई। इसके अलावा उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। अपने पोस्ट में पप्पू यादव ने लिखा, "कालनेमियों से अंतिम सांस तक लड़ेंगे। संत, सनातन पर आघात करने वाले और राममंदिर लूटने वाले कालनेमियों ने हम पर हमला कराया। हम अपने सरकारी आवास पर प्रेस से बात कर रहे थे तो BJP RSS संरक्षित कालनेमि ने यह हमला कराया। हम हनुमान जी की राह पर चलेंगे कालनेमियों को खदेड़ेंगे।"