Rathindra Bose: विधायक रथींद्र बोस को निर्विरोध पश्चिम बंगाल विधानसभा अध्यक्ष चुन लिया गया है। विपक्ष दल तृणमूल कांग्रेस ने इस पद के लिए किसी उम्मीदवार को नहीं उतारा था।
West Bengal Assembly Speaker Rathindra Bose: भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक रथींद्र बोस शुक्रवार को पश्चिम बंगाल विधानसभा के नए अध्यक्ष चुने गए। उनके चुने जाने के बाद विधानसभा की परंपरा के अनुसार, मुख्यमंत्री शुभेन्दु अधिकारी बोस को सदन में स्पीकर की कुर्सी तक ले गए। मुख्यमंत्री शुभेन्दु अधिकारी ने गुरुवार को बताया था कि सत्ताधारी दल ने उन्हें पश्चिम बंगाल विधानसभा के स्पीकर पद के लिए नामित किया है।
स्वतंत्रता भारत में यह पहली बार है जब उत्तर बंगाल के किसी विधायक को इस महत्वपूर्ण पद की जिम्मेदारी दी गई है। मुख्यमंत्री शुभेन्दु अधिकारी ने रथींद्र बोस के नाम का प्रस्ताव पेश किया। इसके बाद प्रोटेम स्पीकर तापस रॉय ने ध्वनिमत से प्रक्रिया पूरी कराई। सदन में उपस्थित सभी 207 भाजपा विधायकों ने एकजुट होकर बोस के समर्थन में मतदान किया। विपक्ष दल तृणमूल कांग्रेस ने इस पद के लिए किसी को नहीं उतारा, जिसके कारण रथींद्र बोस की जीत पहले से ही तय मानी जा रही थी। परिणामस्वरूप, वे बिना किसी मुकाबले के निर्विरोध निर्वाचित हो गए।
18वीं पश्चिम बंगाल विधानसभा के नए अध्यक्ष चुने जाने के बाद रथींद्र बोस ने कहा कि पार्टी ने उन्हें जो जिम्मेदारी सौंपी है, उसे वे पूरी ईमानदारी से निभाएंगे और जरूरत पड़ने पर अनुभवी विधायकों से मार्गदर्शन लेंगे।
रथींद्र बोस ने कूचबिहार विधानसभा क्षेत्र से 23,284 (11.4 प्रतिशत) वोटों के अंतर से चुनाव जीता था। उन्होंने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के अविजीत दे भौमिक को हराया था। वे BJP विधायक तापस रॉय की जगह लेंगे, जिन्होंने मंगलवार को पश्चिम बंगाल विधानसभा के प्रोटेम स्पीकर के रूप में शपथ ली थी।
2026 के विधानसभा चुनाव परिणामों ने BJP के पक्ष में एक निर्णायक जनादेश दिया। 294 सदस्यों वाली विधानसभा में पार्टी ने 207 सीटें जीतीं। यह उस राज्य में एक बड़ा बदलाव है, जहां पिछले चुनाव में पार्टी को केवल 77 सीटें मिली थीं।
तृणमूल कांग्रेस (TMC), जिसने पिछले विधानसभा चुनावों में 212 सीटें जीती थीं, इस बार 80 सीटों के साथ दूसरे स्थान पर रही। इसके साथ ही राज्य में TMC का 15 साल का शासन समाप्त हो गया। कांग्रेस को केवल दो सीटों तक ही सीमित रहना पड़ा। जीत के बाद, शुभेंन अधिकारी ने पश्चिम बंगाल के नौवें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली।