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किसानों की जमीन को लेकर वक्फ बोर्ड और कर्नाटक सरकार पर BJP सांसद ने लगाया आरोप, कहा- पिछले 15-20 दिनों से…

Tejasvi Surya: बीजेपी सांसद तेजस्वी सूर्या ने कहा पिछले 15-20 दिनों में कर्नाटक के कई जिलों में किसानों की हजारों एकड़ जमीन को बिना किसी नोटिस या सुनवाई के Waqf Board ने अपने नाम पर बदल दिया है। सरकार ने इस प्रक्रिया में हर प्रकार का समर्थन भी दिया है।
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Nov 05, 2024
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Karnataka News: बीजेपी सांसद तेजस्वी सूर्या (Tejasvi Surya) ने कर्नाटक सरकार (Karnataka Government) और वक्फ बोर्ड पर बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि पिछले 15-20 दिनों में कर्नाटक के कई जिलों में किसानों की हजारों एकड़ जमीन को बिना किसी नोटिस या सुनवाई के वक्फ बोर्ड (Waqf Board) ने अपने नाम पर बदल दिया है। सरकार ने इस प्रक्रिया में हर प्रकार का समर्थन भी दिया है। पिछले करीब एक सप्ताह से अधिक समय से कर्नाटक में इस मामले को लेकर 10 से अधिक जिलों में लगातार प्रदर्शन हो रहा है और हजारों संख्या में किसान वक्फ बोर्ड के खिलाफ इस आंदोलन में अनशन पर बैठे हैं।

किसानों ने की JPC अध्यक्ष से मिलने की थी मांग

बीजेपी सांसद ने कहा इन सभी किसानों की मांग थी कि जेपीसी अध्यक्ष से मिलना है और अपनी पिटिशन को दर्ज करना है। ताकि उनकी शिकायत जेपीसी के संज्ञान में आए। मैंने एक हफ्ते पहले इस मुद्दे के संबंध में जेपीसी अध्यक्ष को एक पत्र लिखा था और उनसे निवेदन किया था कि वो कर्नाटक आए और जिलों का दौरा करें। किसानों के साथ बातचीत करें। इस मामले को जमीनी स्तर से ठीक से समझकर जेपीसी के समक्ष रखे। चेरयमैन ने इस पत्र को स्वीकार कर लिया है और 7 नवंबर को हुबली और बीजापुर का दौरा करने का फैसला किया है।

एक्स पर किया पोस्ट

बीजेपी सांसद तेजस्वी सूर्या ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा कि वक्फ पर गठित संयुक्त संसदीय समिति के अध्यक्ष ने वक्फ की हिंसक कार्रवाई से प्रभावित किसानों से बातचीत करने के लिए 7 नवंबर को हुबली और बीजापुर का दौरा करने के मेरे अनुरोध को स्वीकार कर लिया है। अध्यक्ष किसान संगठनों, मठों से बातचीत करेंगे और उन्हें दी गई याचिकाओं को संयुक्त संसदीय समिति के समक्ष रखा जाएगा।

29 अक्टूबर को लिखा था पत्र

बीजेपी सांसद तेजस्वी सूर्या ने 29 अक्टूबर को लिखे पत्र में बीजापुरा जिले और आसपास के अन्य क्षेत्रों के किसानों के प्रतिनिधिमंडल के साथ अपनी हाल की बैठक का उल्लेख किया था और पाल से अनुरोध किया था कि वे कर्नाटक के प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर शिकायतें प्राप्त करें और वक्फ बोर्ड की कार्रवाई से प्रतिकूल रूप से प्रभावित किसानों के साथ सार्वजनिक सुनवाई भी करें।

Updated on:
05 Nov 2024 05:57 pm
Published on:
05 Nov 2024 05:57 pm