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उत्तर प्रदेश में चुनावी बिसात बिछाने की कमान किसे? बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन कर सकते हैं तय

Uttar Pradesh Election: उत्तर प्रदेश में होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव के लिए बीजेपी की तैयारियाँ जारी हैं। हालांकि चुनाव से पहले बीजेपी प्रभारी की ज़िम्मेदारी किसे सौपेगी, इसका फैसला राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ले सकते हैं।
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Jul 03, 2026
Nitin Nabin
नितिन नवीन (File Photo)

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव के लिए बीजेपी (BJP) पूरी तरह से तैयारी में जुटी है। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन (Nitin Nabin) 4-5 जुलाई को लखनऊ के दौरे पर रहेंगे। वह हर स्तर पर पार्टी की तैयारियों का जायज़ा लेंगे। केंद्र के राजनीतिक समीकरणों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण इस राज्य की इकाई को अभी अपने प्रभारी का इंतजार है। बीजेपी उत्तर प्रदेश में अभी बिना प्रभारी के ही काम कर रही है।

सक्रिय रहे तावड़े को मिल सकती है कमान

उत्तर प्रदेश की कार्यकारिणी के गठन के लिए हुए चर्चाओं के दौर में बिहार के प्रभारी महामंत्री विनोद तावड़े सक्रिय रहे। तावड़े ने प्रदेश के नेताओं के साथ कई दौर की बैठकें की। उन्होंने उत्तर प्रदेश के हर क्षेत्र के सारे सामाजिक समीकरणों को समझ कर टीम गठन किया है। माना जा रहा है कि तावड़े को उत्तर प्रदेश चुनाव के लिए प्रभारी की ज़िम्मेदारी सौंपी जा सकती है।

वेबसाइट पर नहीं है कोई प्रभारी

पहले राधामोहन सिंह यूपी बीजेपी के प्रभारी थे, लेकिन 2024 के बाद से उनकी सक्रियता उत्तर प्रदेश में कम हो गई। अब बीजेपी की अधिकृत वेबसाइट पर यूपी के प्रभारी के रूप मे कोई नाम प्रदर्शित नहीं होता है। तावड़े पिछले 6 महीने से अनौपचारिक तौर पर यूपी के मामलों में सक्रिय हैं। उन्होंने ही मंत्रिमंडल विस्तार के दौरान भी नामों का पैनल तैयार किया था।

कई और नाम भी चर्चा में

बीजेपी की पिछली जीतों के रणनीतिकार रहे सुनील बंसल को चुनावी मैदान की अच्छी खासी जानकारी है। हाल ही में उन्होंने पार्टी को पश्चिम बंगाल में ज़बरदस्त जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई। उन्हें भी चुनाव से जुड़ी कोई ना कोई ज़िम्मेदारी दी जा सकती है। वहीं बताया जा रहा है कि मंगल पांडे, वीडी शर्मा और बैजयंत पांडा के नाम भी बीजेपी आलाकमान के ध्यान में हैं।

नितिन की 'नवीन' टीम पर निगाहें

बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन की 'नवीन' टीम पर सभी की निगाहें टिकी हैं। अभी माना जा रहा है कि विनोद तावड़े, सुनील बंसल और तरुण चुघ को केंद्र स्तर पर बड़ी ज़िम्मेदारी मिलती रहेगी। वहीं टीम में कई नए चेहरे भी शामिल होने की संभावना है। ऐसे में एक चुनावी राजनीति अनुभवी के साथ ही दो नए सहयोगियों को प्रभारी के तौर पर लगाया जा सकता है। पार्टी नए प्रभारी लगाने से पहले यूपी के जातीय समीकरण को भी टटोल सकती है। हालांकि यूपी का ज़िम्मा किसे सौंपा जाए, आलाकमान के सामने यह एक बड़ा सवाल है।