
BJP West Bengal By-Election 2026: पश्चिम बंगाल के दो चर्चित विधानसभा उपचुनावों के लिए भारतीय जनता पार्टी ने अपने पत्ते खोल दिए हैं। पार्टी ने रेजीनगर से सखारव सरकार और नंदीग्राम से हासीरानी रथ को उम्मीदवार बनाया है। खास बात यह है कि नंदीग्राम का चुनावी मैदान पहले से ही बंगाल की सियासत का सबसे संवेदनशील अखाड़ा माना जाता रहा है। ऐसे में BJP की यह घोषणा सिर्फ दो नामों का ऐलान नहीं, बल्कि राज्य में बदले राजनीतिक समीकरणों के बीच उसकी रणनीतिक तैयारी का संकेत भी है।
पश्चिम बंगाल में विधानसभा उपचुनाव की तारीख नजदीक आते ही राजनीतिक दलों ने अपनी रणनीति तेज कर दी है। इसी कड़ी में भारतीय जनता पार्टी के केंद्रीय कार्यालय ने 15 सितंबर 2026 को जारी प्रेस विज्ञप्ति में रेजीनगर और नंदीग्राम सीटों के लिए अपने प्रत्याशियों के नाम घोषित किए। पार्टी ने 70-रेजीनगर से सखारव सरकार और 210-नंदीग्राम से हासीरानी रथ को मैदान में उतारा है।
भाजपा की ओर से जारी आधिकारिक विज्ञप्ति में दोनों नामों की पुष्टि की गई है। ANI के अनुसार दोनों सीटों पर मतदान 6 अक्टूबर को होगा और मतगणना 9 अक्टूबर को की जाएगी।
BJP का नंदीग्राम से हासीरानी रथ को उम्मीदवार बनाना इस उपचुनाव की सबसे चर्चित बातों में से एक है। हसीरानी रथ दिवंगत चंद्रनाथ रथ की मां हैं। चंद्रनाथ रथ लंबे समय तक BJP नेता शुभेंदु अधिकारी के करीबी सहयोगी और निजी सहायक के तौर पर काम करते रहे थे। मई 2026 में उनकी हत्या के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में इस घटना को लेकर तीखी बयानबाजी हुई थी।
चंद्रनाथ रथ की हत्या के बाद उनकी मां ने सार्वजनिक रूप से दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की थी। उन्होंने राजनीतिक साजिश का आरोप भी लगाया था, हालांकि हत्या के पीछे के कारणों को लेकर लगाए गए राजनीतिक आरोपों को अलग से आधिकारिक जांच के तथ्यों के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
ऐसे में BJP ने अब उन्हें उसी नंदीग्राम सीट से मैदान में उतारा है, जो बंगाल की राजनीति में लंबे समय से प्रतीकात्मक महत्व रखती है। उनकी उम्मीदवारी चुनाव को केवल संगठनात्मक मुकाबले तक सीमित नहीं रखती, बल्कि स्थानीय भावनाओं और राजनीतिक संदेशों को भी चुनावी बहस का हिस्सा बना सकती है।
दूसरी तरफ, रेजीनगर में BJP ने सखारव सरकार को उम्मीदवार बनाया है। सरकार पश्चिम बंगाल BJP संगठन में सक्रिय भूमिका निभा चुके हैं और पार्टी की राज्य इकाई से जुड़े नेताओं में उनका नाम रहा है। रेजीनगर मुर्शिदाबाद जिले की सीट है और यहां चुनावी समीकरण नंदीग्राम से काफी अलग हैं।
दिलचस्प बात यह है कि सखारव सरकार पहले भी रेजीनगर क्षेत्र की राजनीति में सक्रिय दिखाई देते रहे हैं। 2025 में यहां एक धार्मिक स्थल के निर्माण को लेकर उपजे राजनीतिक विवाद के दौरान भी उनका नाम सामने आया था।
BJP के लिए रेजीनगर इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि पार्टी यहां अपनी राजनीतिक मौजूदगी को और मजबूत करने की कोशिश करेगी। दूसरी ओर, कांग्रेस और वाम दलों ने भी इस सीट पर अपने उम्मीदवार घोषित किए हैं, जिससे मुकाबला बहुकोणीय बन गया है। कांग्रेस ने मोहम्मद अब्दुल्लाहिल काफ़ी को, जबकि CPI(M) ने सैयद असद अली को उम्मीदवार बनाया है।
चुनाव आयोग के कार्यक्रम के मुताबिक दोनों सीटों पर 6 अक्टूबर को मतदान, जबकि 9 अक्टूबर को मतगणना होगी। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 16 सितंबर है। 17 सितंबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी और उम्मीदवार 19 सितंबर तक नाम वापस ले सकेंगे।