
Opposition protest: नीट पेपर लीक के मुद्दे को लेकर विरोध-प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्ष ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव समेत कई विपक्षी नेता काले कपड़े पहनकर संसद पहुंचे और विरोध प्रदर्शन किया।
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने कहा कि छात्रों की मांगें जायज हैं। वे अपने अधिकारों के लिए आवाज उठा रहे हैं। उन्होंने कहा, 'शिक्षा का बजट 1.4 लाख करोड़ रुपए है, लेकिन आप अडानी और अंबानी के 16 लाख करोड़ रुपए के कर्ज माफ कर रहे हैं। छात्रों का संघर्ष जायज है। वे बदलाव की मांग कर रहे हैं। बार-बार पेपर लीक हो रहे हैं। शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन में कुछ भी अलोकतांत्रिक नहीं है, लेकिन छात्रों के साथ और संसद में जो हो रहा है, वह अलोकतांत्रिक है।'
कल लोक कल्याण मार्ग (LKM) के बाहर कांग्रेस के प्रदर्शन और नेताओं की पुलिस हिरासत को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने सरकार पर निशाना साधा।
उन्होंने कहा, 'मैंने कल ही कहा था कि यह लोकतांत्रिक सरकार नहीं है। ये तानाशाही की तरह काम कर रहे हैं। वे सांसदों का सम्मान नहीं करते। नियमों के अनुसार प्रदर्शन करने वालों को भी परेशान किया जाता है।'
खरगे ने आरोप लगाया कि भाजपा-आरएसएस के कार्यकर्ता बिना बैज के पुलिस के बीच काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि छात्रों और कांग्रेस नेताओं को डराने का काम किया जा रहा है।
उन्होंने कहा, 'अगर आप हमारे वरिष्ठ नेताओं को दबाने की कोशिश करेंगे तो लाखों लोग खड़े हो जाएंगे। तब आप उन्हें नियंत्रित नहीं कर पाएंगे।'
उन्होंने आगे कहा, 'हम डरने वाले नहीं हैं। हम अपनी लड़ाई जारी रखेंगे। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के साथ जो किया गया, उसका आपको पछतावा होगा। हम दिखा देंगे कि कांग्रेस पार्टी और INDIA गठबंधन लगातार संघर्ष करते रहेंगे।'
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने ANI से कहा था कि विपक्षी सांसद आज काले कपड़े पहनकर करेंगे। उन्होंने कहा कि यह प्रदर्शन दिल्ली में छात्रों के साथ किए गए व्यवहार, धर्मेंद्र प्रधान को पद पर बनाए रखने और छात्रों के आंदोलन पर सरकार की प्रतिक्रिया के विरोध में है।
इससे पहले मंगलवार को कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत कई नेताओं को लोक कल्याण मार्ग पर पार्टी के प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया था। बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया।