
संसद मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस का गोला दागता पुलिसकर्मी (Photo: IANS)
CJP Protest: दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संसद मार्च में शामिल प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई के दौरान पैलेट गन इस्तेमाल किए जाने के दावों को लेकर विवाद तेज हो गया है। एक अंग्रेजी अखबार की रिपोर्ट में दावा किया गया कि प्रदर्शन के दौरान घायल हुए एक प्रदर्शनकारी के शरीर पर पैलेट गन जैसी चोटों के निशान मिले हैं। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने इन दावों को पूरी तरह गलत और भ्रामक बताते हुए सिरे से खारिज कर दिया है।
‘द हिंदू’ के अनुसार, सोमवार को जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में हुए प्रदर्शन के दौरान घायल हुए कम से कम 80 लोगों में से एक 25 वर्षीय युवा शेख इरशाद मंसूरी गंभीर रूप से घायल हुआ है। डॉक्टरों के मुताबिक, उसके शरीर और चेहरे पर पैलेट गन की चोटों जैसे कई निशान पाए गए हैं और उसकी सर्जरी कर कुछ छर्रे निकाले गए हैं।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि डॉक्टरों ने शेख के शरीर से कुछ पेलेट निकाल दिए हैं, जबकि गर्दन के पास फंसा पैलेट निकालने के लिए दूसरी सर्जरी की आवश्यकता पड़ सकती है। रिपोर्ट में एक अन्य प्रदर्शनकारी के भी पैलेट लगने से घायल होने का दावा किया गया है।
इन दावों पर प्रतिक्रिया देते हुए दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पैलेट गन के इस्तेमाल के दावे पूरी तरह झूठे और भ्रामक हैं। दिल्ली पुलिस ने ‘एक्स’ पर कहा, "यह दावा कि कल शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने पैलेट गन का इस्तेमाल किया, पूरी तरह गलत और भ्रामक है। दिल्ली पुलिस के पास पैलेट गन हैं ही नहीं और न ही प्रदर्शन के दौरान उनका इस्तेमाल किया गया है।" पुलिस ने लोगों से अपील की कि वे बिना पुष्टि की गई या भ्रामक जानकारी को साझा या प्रसारित न करें।
वहीं, कुछ रिपोर्ट्स में पैलेट गन के अलावा शॉक बैटन (Stun Baton) के इस्तेमाल का भी दावा किया गया है। सीजेपी की और से एक वीडियो भी जारी किया गया है। वहीं दूसरी ओर दिल्ली पुलिस ने ऐसे सभी आरोपों से साफ इनकार किया है। ऐसे में इस मामले को लेकर विवाद और गहराता जा रहा है।
Updated on:
22 Jul 2026 11:37 am
Published on:
22 Jul 2026 11:22 am
