
KC Venugopal : कांग्रेस का शिक्षा मंत्री पर सीधा हमला, केसी वेणुगोपाल ने मांगा धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा (फोटो सोर्स: ANI)
KC Venugopal Statement: देश में प्रतियोगी परीक्षाओं की साख और परीक्षाओं में धांधली को लेकर जारी विवाद के बीच मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने केंद्र सरकार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर अब तक का सबसे बड़ा हमला बोला है। कांग्रेस सांसद और ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (AICC) के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने शिक्षा मंत्री के हालिया बयान और सोशल मीडिया पोस्ट पर कड़ा एतराज जताते हुए साफ कहा कि अब उनके पास अपने पद पर बने रहने की कोई नैतिक जिम्मेदारी या अधिकार नहीं बचा है।
राजधानी दिल्ली में मीडिया से बात करते हुए केसी वेणुगोपाल ने तीखे लहजे में सवाल उठाया कि जिस मंत्री के कार्यकाल में देश की प्रमुख परीक्षाओं पर भरोसा पूरी तरह डगमगा गया हो, उनकी बात भला अब कौन सुनेगा? उन्होंने कहा कि देश की जनता और युवा पीढ़ी अब सिर्फ आश्वासनों से संतुष्ट होने वाली नहीं है।
"देश के बच्चे और उनका भविष्य हमारे लिए सर्वोपरि हैं। अगर देश के नौनिहालों और युवाओं के भविष्य को बचाना है, तो शिक्षा मंत्री को अविलंब अपने पद से इस्तीफा देना ही होगा।"
केसी वेणुगोपाल, वरिष्ठ कांग्रेस नेता
वहीं, कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर एक के बाद एक कई गंभीर आरोप लगाते हुए पूरी व्यवस्था की पोल खोल दी। जयराम रमेश ने कहा कि यह सिर्फ एक परीक्षा का मामला नहीं है, बल्कि शिक्षा मंत्रालय के तहत आने वाली संस्थाएं भ्रष्टाचार का अड्डा बन चुकी हैं।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि धर्मेंद्र प्रधान का कार्यकाल नाकामियों और संस्थागत विफलताओं से भरा पड़ा है:
NTA का गिरता स्तर: बार-बार पेपर लीक होना, परीक्षाएं रद्द होना और छात्रों के भरोसे का टूटना।
संसदीय व स्वायत्त संस्थाओं में धांधली: सीबीएसई (CBSE) के 'ऑन स्क्रीन मार्किंग सिस्टम' में गड़बड़ियां, यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC) और NAAC जैसी उच्च स्तरीय संस्थाओं में प्रशासनिक अनियमिताएं।
मनमानी नियुक्तियां: केंद्रीय विश्वविद्यालयों के कुलपतियों (VCs) और ICHR में मानकों को ताक पर रखकर की गई नियुक्तियां।
मंगलवार को राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, अखिलेश यादव और अन्य शीर्ष नेताओं के लोक कल्याण मार्ग स्थित प्रधानमंत्री आवास की ओर मार्च करने और पुलिस हिरासत में लिए जाने के बाद बुधवार को यह विरोध और उग्र हो गया।
विपक्षी सांसदों ने संसद परिसर में 'काला दिवस' मनाते हुए काले कपड़ों में उपस्थिति दर्ज कराई। कांग्रेस सांसद सैयद नसीर हुसैन और प्रमोद तिवारी ने पुलिसिया कार्रवाई को लोकतंत्र पर हमला करार देते हुए कहा कि निहत्थे छात्रों और सांसदों पर लाठीचार्ज कर सरकार अपनी नाकामी छिपाना चाहती है।
गौरतलब है कि हाल ही में 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) द्वारा आयोजित 'संसद चलो' मार्च के दौरान जंतर-मंतर पर पुलिस और प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच झड़प हुई थी। इस आंदोलन की शुरुआत मई 2026 में फर्जी डिग्री धारकों को लेकर हुई एक अदालती टिप्पणी के बाद युवाओं द्वारा एक विरोध के रूप में हुई थी, जिसका नेतृत्व रणनीतिकार अभिजीत दिपके और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक जैसे चेहरे कर रहे हैं।
इस छात्र आंदोलन पर हुए पुलिस एक्शन और इंटरनेट बंद करने के फैसले ने इस चिंगारी को राष्ट्रीय जन-आंदोलन में बदल दिया है। देश भर के अलग-अलग राज्यों तिरुवनंतपुरम, गुवाहाटी, जबलपुर और भुवनेश्वर में विरोध की लपटें फैल चुकी हैं। विपक्ष का स्पष्ट संदेश है कि जब तक शिक्षा प्रणाली का पूरा ओवरहाल (सुधार) नहीं होता और जिम्मेदार मंत्री का इस्तीफा नहीं आता, तब तक संसद से लेकर सड़क तक यह जंग जारी रहेगी।
Updated on:
22 Jul 2026 11:31 am
Published on:
22 Jul 2026 10:48 am
