
Congress: भारत में आयोजित BRICS शिखर सम्मेलन के बाद असम कांग्रेस नेता अमीनुल इस्लाम ने केंद्र सरकार से सम्मेलन के ठोस नतीजों को लेकर सवाल किए हैं। उन्होंने पूछा कि क्या बैठक में भारत-चीन संबंधों, 2020 के गलवान घाटी संघर्ष और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जुड़े रणनीतिक मुद्दों पर कोई ठोस चर्चा हुई। रविवार को पत्रकारों से बातचीत में इस्लाम ने कहा कि सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि BRICS Summit से भारत के राष्ट्रीय और रणनीतिक हितों से जुड़े मुद्दों पर कोई ठोस परिणाम सामने आया है या नहीं।
अमीनुल इस्लाम ने भारत-चीन संबंधों को लेकर सवाल करते हुए पूछा कि क्या दोनों देशों के रिश्तों में कोई सुधार हुआ है और क्या BRICS बैठक के दौरान गलवान घाटी की स्थिति पर चर्चा हुई। उन्होंने ब्रह्मपुत्र नदी को लेकर भी चिंता जताई। इस्लाम ने दावा किया कि 2022 के बाद से ब्रह्मपुत्र का जलस्तर 40 फीसदी कम हुआ है। उन्होंने इसे चीन से जुड़े भारत के व्यापक रणनीतिक मुद्दों से जोड़ते हुए सवाल किया कि क्या सम्मेलन में ऐसे विषयों पर पर्याप्त ध्यान दिया गया।
कांग्रेस नेता ने BRICS Summit में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन की मौजूदगी का भी जिक्र किया। उन्होंने सवाल किया कि क्या भारत ने ईरान के साथ स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जुड़े घटनाक्रम पर कोई ठोस बातचीत की। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के महत्वपूर्ण ऊर्जा और समुद्री व्यापार मार्गों में शामिल है। इस क्षेत्र में किसी भी बड़े घटनाक्रम का असर ऊर्जा आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर पड़ सकता है।
इस्लाम ने कहा कि BRICS में होने वाली चर्चाएं सिर्फ व्यापक घोषणाओं तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। उनके मुताबिक, सम्मेलन में ऐसे मुद्दों पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए जिनका भारत की सुरक्षा, अर्थव्यवस्था और रणनीतिक हितों पर सीधा असर पड़ता है।उन्होंने केंद्र की विदेश नीति पर भी निशाना साधा। इस्लाम ने आरोप लगाया कि हाल के वर्षों में भारत के अंतरराष्ट्रीय संबंध कमजोर हुए हैं और विदेश नीति लगातार खराब हो रही है।
अमीनुल इस्लाम ने कहा कि यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि भारत में आयोजित BRICS Summit से देश को वास्तव में क्या हासिल हुआ। उन्होंने केंद्र सरकार से सम्मेलन के परिणामों को लेकर स्पष्ट जानकारी देने की मांग की।