
दिल्ली BJP प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर (इमेज सोर्स- ANI)
Arvind Kejriwal Sheesh Mahal Controversy: दिल्ली की राजनीति में ‘शीश महल’ विवाद एक बार फिर गरमा गया है। मामला पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के 6 फ्लैगस्टाफ रोड स्थित सरकारी आवास से जुड़ा है। BJP इस बंगले को लेकर AAP पर लगातार सवाल उठा रही है। अब दिल्ली विधानसभा की पब्लिक अकाउंट्स कमेटी यानी PAC 14 सितंबर को बंगले का निरीक्षण करेगी। ऐसे में इस दौरे पर सभी की नजरें हैं।
दिल्ली BJP प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर ने AAP पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि जब भी ‘शीश महल’ का मुद्दा उठता है, AAP नेता बचाव में उतर आते हैं। कपूर के मुताबिक, इस बंगले के निर्माण में कई नियमों के उल्लंघन का आरोप है। इनमें दिल्ली मास्टर प्लान और नगर निगम से जुड़े नियम शामिल हैं। उन्होंने दिल्ली अर्बन आर्ट्स कमीशन के नियमों का भी जिक्र किया।
BJP प्रवक्ता ने यह सवाल भी उठाया कि अगर बंगले के निर्माण में कोई गड़बड़ी नहीं थी, तो केजरीवाल ने इसका औपचारिक उद्घाटन क्यों नहीं किया? उन्होंने यह भी पूछा कि इसे मुख्यमंत्री का आधिकारिक आवास क्यों घोषित नहीं किया गया। BJP का कहना है कि CAG रिपोर्ट के बाद मामला और गंभीर हो गया है। इसी रिपोर्ट की जांच के लिए विधानसभा की PAC आगे बढ़ रही है।
PAC के सदस्य 14 सितंबर को दोपहर 3 बजे 6 फ्लैगस्टाफ रोड पहुंचेंगे। यहां बंगले का निरीक्षण किया जाएगा।
ANI को मिले दस्तावेजों के मुताबिक, यह दौरा CAG रिपोर्ट में सामने आए तथ्यों की जांच के लिए किया जा रहा है। जब अरविंद केजरीवाल दिल्ली के मुख्यमंत्री थे, तब यही उनका आधिकारिक आवास था। वहीं इस मामले में विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने CAG रिपोर्ट को PAC के पास भेजा था। अब कमेटी की जांच के बाद मामले में आगे की कार्रवाई का रास्ता साफ हो सकता है।
PAC के दौरे से पहले AAP ने भी BJP पर पलटवार किया है। पूर्व मुख्यमंत्री और विपक्ष की नेता आतिशी ने BJP पर कई आरोप लगाए। आतिशी ने कहा कि BJP ने बंगले को लेकर लंबे समय से कई दावे किए हैं। उन्होंने स्विमिंग पूल, सोने-चांदी के कमोड और बड़े बार जैसे दावों का जिक्र किया।
आतिशी ने BJP को खुली चुनौती दी। उन्होंने कहा कि 14 सितंबर को जब विधायक बंगले का निरीक्षण करने जाएं, तो उनके साथ मीडिया के कैमरे भी होने चाहिए। इससे पूरी दिल्ली को सच्चाई दिखेगी। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास की भी इसी तरह कैमरों के साथ जांच कराने की मांग की। विवाद के बीच अब 14 सितंबर का PAC निरीक्षण अहम हो गया है। इस दौरे से CAG रिपोर्ट में उठे सवालों पर आगे की तस्वीर साफ होने की उम्मीद है।
Updated on:
13 Sep 2026, 8:59 PM IST
Published on:
13 Sep 2026, 8:59 PM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.