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मेधा रूपम मामले में सौरव दास की नई मांग, बोले- मुआवजे की रकम बढ़ाकर 20 लाख की जाए

Saurav Das CJP: आकृति चौधरी की NSA हिरासत को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने रद्द करते हुए 5 लाख रुपये मुआवजे का आदेश दिया था। मेधा रूपम ने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है, जिस पर CJP प्रवक्ता सौरव दास ने मुआवजा बढ़ाकर 20 लाख रुपये करने की मांग की है।
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नई दिल्ली

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Imran Ansari

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Updated: 13 Sep 2026, 6:38 PM IST

Saurav Das CJP

मेधा रूपम मामले में सौरव दास की नई मांग, फोटो सोर्स- ANI

Medha Roopam Supreme Court: नोएडा की जिलाधिकारी मेधा रूपम से जुड़े 5 लाख रुपये के मुआवजे के मामले में विवाद अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दिल्ली विश्वविद्यालय की छात्रा आकृति चौधरी की NSA के तहत हिरासत को गैरकानूनी ठहराते हुए उसे 5 लाख रुपये मुआवजा देने का निर्देश दिया था। अदालत ने यह रकम मेधा रूपम समेत मामले में जिम्मेदार अधिकारियों के वेतन से वसूलने की बात कही थी।

अब इस मामले पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रवक्ता सौरव दास ने प्रतिक्रिया दी है। मेधा रूपम द्वारा हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दिए जाने के बाद दास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर मुआवजे की राशि बढ़ाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि 5 लाख रुपये के बजाय मुआवजे की रकम 20 लाख रुपये की जानी चाहिए।

अप्रैल में मजदूरों के प्रदर्शन के दौरान हुई थी आकृति की गिरफ्तारी

मामला अप्रैल 2026 में नोएडा में हुए मजदूरों के आंदोलन से जुड़ा है। प्रदर्शन के दौरान दिल्ली विश्वविद्यालय की छात्रा आकृति चौधरी को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत हिरासत में लिया गया था। प्रशासन की ओर से आरोप लगाया गया था कि प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा में आकृति की भूमिका थी और उन्होंने कथित तौर पर हिंसा भड़काने में योगदान दिया। इसके बाद आकृति की हिरासत को लेकर मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंचा, जहां अदालत ने प्रशासन के दावों और हिरासत के आधार की जांच की।

हाईकोर्ट ने हिरासत के आदेश पर उठाए सवाल

2 सितंबर को मामले की सुनवाई करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आकृति चौधरी की NSA हिरासत को रद्द कर दिया था। अदालत ने माना कि हिरासत के लिए प्रशासन की ओर से जो आधार पेश किए गए, उन्हें पर्याप्त सबूतों से साबित नहीं किया जा सका।
अदालत ने हिरासत आदेश जारी करने के तरीके को लेकर तत्कालीन प्रशासनिक कार्रवाई पर भी कड़ी टिप्पणी की थी। कोर्ट ने प्रशासन के रवैये को लेकर 'ऑर्वेलियन डिस्टोपिया' जैसे शब्द का इस्तेमाल किया था।

सौरव दास ने 20 लाख रुपये मुआवजे की मांग की

मेधा रूपम की ओर से हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दिए जाने के बाद CJP प्रवक्ता सौरव दास ने इस पर नाराजगी जताई। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि इतना कठोर और निरंकुश आदेश जारी होने के बावजूद डीएम की ओर से उसके खिलाफ अपील किया जाना हैरान करने वाला है। दास ने सुप्रीम कोर्ट से मांग की कि अगर मामला उसके सामने आता है तो 5 लाख रुपये के मुआवजे को बढ़ाकर 20 लाख रुपये किया जाना चाहिए। इस तरह हाईकोर्ट के 5 लाख रुपये के मुआवजे के आदेश के बाद अब इस राशि को लेकर भी राजनीतिक बयानबाजी शुरू हो गई है।

मेधा रूपम ने सुप्रीम कोर्ट में दी चुनौती

हाईकोर्ट ने आकृति चौधरी को हिरासत में बिताए समय के लिए 5 लाख रुपये मुआवजा देने का निर्देश दिया था। अदालत ने कहा था कि इस रकम की वसूली मामले में जिम्मेदार अधिकारियों, जिसमें नोएडा की डीएम मेधा रूपम भी शामिल हैं, के वेतन से की जाएगी। इसके अलावा कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया था कि अगर आकृति की किसी अन्य मामले में हिरासत जरूरी नहीं है तो उन्हें तत्काल रिहा किया जाए।

अब मेधा रूपम ने हाईकोर्ट के इसी फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। उनकी याचिका में खास तौर पर उनके वेतन से 5 लाख रुपये मुआवजे के तौर पर वसूलने के निर्देश को चुनौती दी गई है। मामले में सुप्रीम कोर्ट का अगला रुख महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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