13 सितंबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

Modi-Xi Meeting: गलवान से ट्रेड डेफिसिट तक, जयराम रमेश ने PM मोदी से चीन पर पूछे 4 सवाल

PM Modi-Xi Jinping Meeting: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच हुई बैठक के बाद कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने केंद्र सरकार की चीन नीति को लेकर चार सवाल उठाए हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री से गलवान के बाद भारत की स्थिति, लद्दाख और अरुणाचल प्रदेश में चीन की कथित घुसपैठ, 'ऑपरेशन सिंदूर' में पाकिस्तान को चीन के समर्थन और चीन के साथ बढ़ते व्यापार घाटे के बारे में जवाब मांगा है।
2 min read
Google source verification
jairam ramesh

जयराम रमेश (ANI)

Jairam Ramesh on PM Modi-Xi jinping Meeting: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने नई दिल्ली में हुए ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन के दौरान 12 सितंबर को द्विपक्षीय बैठक की। बैठक में दोनों नेताओं ने भारत-चीन संबंधों, सीमा पर शांति और स्थिरता, व्यापार और दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की। इस बैठक के बाद कांग्रेस पार्टी ने केंद्र सरकार की चीन नीति पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से चार सवालों के जवाब मांगे। जयराम रमेश ने कहा कि बैठक खत्म होने के बाद देश प्रधानमंत्री से इन सवालों के जवाब जानना चाहता है।

गलवान के बाद दिए गए बयान को लेकर सवाल

जयराम रमेश ने 2020 की गलवान घाटी झड़प का जिक्र करते हुए सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने बताया कि 15-16 जून 2020 की रात चीनी सैनिकों के साथ हुई झड़प में 20 भारतीय सैनिक शहीद हो गए थे। चार दिन बाद 19 जून को सर्वदलीय बैठक के दौरान प्रधानमंत्री ने कहा था कि कोई भी भारतीय क्षेत्र में दाखिल नहीं हुआ था और न ही वहां कोई मौजूद था। कांग्रेस नेता ने सवाल किया कि यह बयान अभी तक वापस क्यों नहीं लिया गया है और पूछा कि क्या इससे सीमा वार्ता में भारत की स्थिति कमजोर हुई है।

चीन को लद्दाख और अरुणाचल प्रदेश में बढ़त क्यों बनाने दी गई?

लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (LAC) के हालात का जिक्र करते हुए जयराम रमेश ने कहा कि पूर्वी लद्दाख के बड़े हिस्सों में पारंपरिक गश्त और चराई के अधिकारों को चुपचाप लेकिन निश्चित रूप से छोड़ दिया गया है। साथ ही, अरुणाचल प्रदेश में चीन के घुसपैठ की खबरें भी सामने आई हैं, जिनमें कुछ भारतीय पेट्रोलिंग पॉइंट्स तक पहुंच खोने और टकराव की नई घटनाएं शामिल हैं।

जयराम रमेश ने कहा कि चीन ने अरुणाचल प्रदेश को लेकर कड़ा रुख अपनाया है, वह कस्बों और जगहों के नाम बदल रहा है और साथ ही ब्रह्मपुत्र नदी के ग्रेट बेंड पर 60,000 मेगावाट के मेडोग मेगा-डैम प्रोजेक्ट को तेजी से आगे बढ़ा रहा है। इससे चीन को भारत के पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र की जल सुरक्षा पर बहुत ज़्यादा नियंत्रण मिल सकता है।

ऑपरेशन सिंदूर में चीन की भूमिका पर सवाल

सेना के पुराने बयानों का हवाला देते हुए, जयराम रमेश ने सवाल उठाया कि 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान पाकिस्तान को चीन से मिले समर्थन को लेकर भारत का रुख नरम क्यों पड़ने दिया गया। उन्होंने बताया कि 4 जुलाई 2025 को सेना के वरिष्ठ अधिकारियों के आकलन से पाकिस्तान की मदद करने में चीन की गहरी भूमिका का पता चला था। लेकिन शिखर सम्मेलन से ठीक पहले जो स्थिति सामने आई, वह कुछ और ही संकेत दे रही थी। उन्होंने सवाल किया कि क्या यह द्विपक्षीय बैठक के लिए अनुकूल माहौल बनाने की कोई सोची-समझी रणनीति थी।

112.6 अरब डॉलर का रिकॉर्ड व्यापार घाटा

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि 2025-26 वित्तीय वर्ष में चीन के साथ भारत का व्यापार घाटा रिकॉर्ड 112.6 अरब डॉलर तक पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि कच्चे माल और मैन्युफैक्चरिंग कंपोनेंट्स के लिए चीन पर बहुत ज्यादा निर्भरता ने घरेलू MSME सेक्टर को बुरी तरह नुकसान पहुंचाया है। तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि आज 'मेक इन इंडिया' और 'चीन से आयात' असल में एक ही सिक्के के दो पहलू बन गए हैं। जयराम रमेश ने कहा कि रिश्तों को सामान्य बनाना जरूरी है, लेकिन जो कुछ देखने को मिला है, वह हितों के जानबूझकर किए गए समर्पण जैसा लगता है।