
FM Sitharaman meets Iranian counterpart (Photo: Finance Ministry)
नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को ईरान के वित्त मंत्री डॉ. सैयद अली मदनिजादेह के साथ बैठक की। नई दिल्ली में आयोजित BRICS शिखर सम्मेलन 2026 के दौरान हुई इस मुलाकात में दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग को और मजबूत करने के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने व्यापार, निवेश, वित्तीय सहयोग समेत साझा हितों वाले क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ाने की संभावनाओं पर विचार किया।
वित्त मंत्रालय के अनुसार, निर्मला सीतारमण ने BRICS शिखर सम्मेलन में ईरान की सक्रिय भागीदारी और वित्तीय ट्रैक के तहत हुई चर्चाओं में उसके रचनात्मक योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि BRICS जैसे मंच विकासशील अर्थव्यवस्थाओं के बीच आर्थिक सहयोग मजबूत करने और साझा विकास लक्ष्यों को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।
बैठक में भारत और ईरान के बीच व्यापार, निवेश और वित्तीय सहयोग को और गहरा करने के उपायों पर चर्चा हुई। दोनों देशों ने द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों को नई दिशा देने और सहयोग के नए अवसर तलाशने पर जोर दिया। यह बैठक ऐसे समय हुई है जब भारत BRICS और साझेदार देशों के साथ आर्थिक एवं निवेश संबंधों को मजबूत करने की दिशा में लगातार पहल कर रहा है।
इससे पहले शनिवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एशियन इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक (AIIB) की अध्यक्ष जू जियायी से मुलाकात की थी। बैठक में भारत की इंफ्रास्ट्रक्चर और परिवहन संपर्क परियोजनाओं को समर्थन देने, स्थानीय मुद्रा में वित्तपोषण बढ़ाने और निजी क्षेत्र की भागीदारी को प्रोत्साहित करने जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई थी। दोनों पक्षों ने AIIB की वैश्विक भूमिका को और मजबूत करने के पहलुओं पर भी विचार-विमर्श किया।
वित्त मंत्री ने हाल ही में रूस के प्रथम उप प्रधानमंत्री डेनिस मंटुरोव के साथ भी बैठक की थी। दोनों पक्षों ने भारत-रूस आर्थिक सहयोग को मजबूत करने और वित्तीय सेवाओं के क्षेत्र में साझेदारी बढ़ाने पर चर्चा की थी। बैठक में द्विपक्षीय निवेश संधि (BIT) पर वार्ता को आगे बढ़ाने पर भी सहमति बनी थी। प्रस्तावित BIT का उद्देश्य दोनों देशों के बीच निवेश प्रवाह बढ़ाने के साथ आर्थिक संबंधों के लिए स्थिर और पारस्परिक रूप से लाभकारी ढांचा तैयार करना है।
इस बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को 18वें BRICS शिखर सम्मेलन में नई दिल्ली घोषणा पत्र 2026 को सर्वसम्मति से अपनाए जाने की घोषणा की। समापन संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि घोषणा पत्र BRICS देशों के साझा संकल्पों को स्पष्ट दिशा देता है। अब सदस्य देशों की जिम्मेदारी है कि इन संकल्पों को ठोस परिणामों में बदला जाए। प्रधानमंत्री ने BRICS नेताओं के बीच हुई चर्चाओं को सार्थक और रचनात्मक बताया। उन्होंने कहा कि बदलती वैश्विक व्यवस्था को पुरानी संस्थागत संरचनाओं के जरिए प्रभावी ढंग से नहीं संभाला जा सकता। ऐसे में अधिक समावेशी और प्रतिनिधिक वैश्विक शासन व्यवस्था की जरूरत है।
Updated on:
13 Sept 2026 02:52 pm
Published on:
13 Sept 2026 02:52 pm
