
MSME Fund: केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में देश के आर्थिक विकास और छोटे उद्योगों को रफ्तार देने के लिए दो बेहद महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं। इस फैसले की जानकारी देते हुए केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव (Ashwini Vaishnaw) ने बताया कि देश में एकीकृत परिवहन और लॉजिस्टिक्स के व्यवस्थित और वैज्ञानिक नियोजन के लिए एक नए संस्थान की स्थापना की जाएगी। इसके साथ ही, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) को व्यापार विस्तार और विकास के लिए आवश्यक पूंजी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 10,000 करोड़ रुपये के 'MSME ग्रोथ फंड' के गठन की घोषणा की गई है।
यह 10,000 करोड़ रुपये का फंड MSME मंत्रालय और वित्त मंत्रालय के सहयोग से संचालित होगा। इससे छोटे व्यवसायी लोगों को बड़ा फायदा मिलेगा। इसका मुख्य उद्देश्य छोटे और मध्यम व्यवसायों को लंबे समय के लिए पूंजी देना है, ताकि वे अपना कारोबार बढ़ा सकें। इसके जरिए MSME कंपनियों को केवल लोन या टर्म लोन देने के बजाय लॉन्ग टर्म के लिए इक्विटी रिस्क कैपिटल दिया जाएगा। क्योंकि लंबे समय से इन छोटी संस्थाओं के लिए इक्विटी रिस्क कैपिटल की कमी एक बड़ी समस्या रही है।
इस फंड का आधा से ज्यादा हिस्सा मैन्युफैक्चरिंग करने वाली कंपनियों को दिया जाएगा। सरकार का मानना है कि इस क्षेत्र में बहुत अवसर हैं। अभी इस क्षेत्र का उत्पादन 13 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का है और 400 से ज्यादा MSME संस्थाएं इससे जुड़ी हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में मुकाबला करने के लिए इन्हें अपना दायरा बढ़ाने के लिए पैसे की जरूरत है।
कपड़ा और रेडीमेड कपड़े बनाने वाले वे व्यवसाय, जो अभी 300 से 400 करोड़ रुपये के टर्नओवर पर काम कर रहे हैं, उनके लिए नए दरवाजे खुल रहे हैं। अश्विनी वैष्णव ने जानकारी दी कि भारत ने कई देशों जैसे कि यूरोप, यूके, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और EFTA ग्रुप के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट किए हैं, जिससे इन देशों में सामान बेचना आसान और सस्ता हो गया है।
दूसरा बड़ा फैसला यह है कि केंद्रीय कैबिनेट ने इंटीग्रेटेड ट्रांसपोर्ट एंड लॉजिस्टिक्स अथॉरिटी (ITLA) बनाने को मंजूरी दी है। इससे सड़क, रेलवे, बंदरगाह, हवाई सेवा और दूसरे ट्रांसपोर्ट सिस्टम को आपस में जोड़कर काम कराने की योजना है। फिलहाल सड़क, रेलवे, बंदरगाह, हवाई सेवा, जलमार्ग और दूसरे ट्रांसपोर्ट सिस्टम से जुड़े काम अलग-अलग मंत्रालयों और एजेंसियों के जरिए होते हैं। ऐसे में ITLA इन सबके बीच बेहतर तालमेल बनाने वाली संस्था के तौर पर काम करेगी।