राष्ट्रीय

बंगाल में 4000 मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटाए जाने का दावा, कोलकाता हाई कोर्ट ने शुभेंदु सरकार से मांगा जवाब

West Bengal News: कलकत्ता हाईकोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार से पूछा कि क्या पुलिस ने मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटाए हैं। करीब 4000 मस्जिदों से हटाने का आरोप है।
2 min read
Aug 13, 2026
Azan Loudspeaker
मस्दिज में लाउडस्पीकर। (फाइल फोटो- ANI)

पश्चिम बंगाल में मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटाए जाने के मुद्दे पर विवाद बढ़ गया है। कलकत्ता हाईकोर्ट ने गुरुवार को सीएम शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली राज्य सरकार से साफ-साफ पूछा कि क्या पुलिस ने वाकई मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटाने की कोई कार्रवाई की है या नहीं?

अदालत ने यह सवाल जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान उठाया। याचिका में दावा किया गया है कि हुगली और दूसरे जिलों में पुलिस ने बिना कोई लिखित आदेश दिए धार्मिक स्थलों से लाउडस्पीकर हटवा दिए।

चार हजार मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटाने का दावा

वरिष्ठ वकील कल्याण बंद्योपाध्याय ने बताया कि करीब चार हजार मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटा दिए गए। उन्होंने कहा कि पुलिस दबाव डाल रही है और लिखित नोटिस भी नहीं दे रही।

याचिका में क्या कहा गया?

वकील दानिश फारूकी ने यह याचिका दायर की है। इसमें कहा गया है कि पुलिस मौखिक निर्देश देकर मस्जिदों और मंदिरों से लाउडस्पीकर हटवा रही है। शोर प्रदूषण नियमों के तहत डेसिबल मापे बिना यह कार्रवाई हो रही है।

याचिकाकर्ता का तर्क है कि अजान इस्लाम का जरूरी हिस्सा है और संविधान के अनुच्छेद 25 के तहत संरक्षित है। बिना नियम के लाउडस्पीकर हटाना इस अधिकार का उल्लंघन है।

18 अगस्त को फिर होगी सुनवाई

एक्टिंग चीफ जस्टिस तपाब्रत चक्रवर्ती और जस्टिस अतरूप बनर्जी की बेंच ने एडवोकेट जनरल सूरजित नाथ मित्रा से पूछा कि राज्य ने इस मामले में कोई कदम उठाया है या नहीं। अदालत ने कहा कि राज्य का पक्ष जाने बिना कोई अंतरिम आदेश नहीं दिया जा सकता। मामला 18 अगस्त को फिर सुना जाएगा।

सरकार का जवाब

इस बीच, एडवोकेट जनरल ने याचिका को खारिज करने की मांग की। उन्होंने कहा कि याचिका में किसी अधिकारी या मस्जिद का नाम तक नहीं है। कोई इमाम भी आगे नहीं आया। सिर्फ याचिकाकर्ता का कहना है कि उसे पता चला है।

अदालत ने फिर भी राज्य सरकार से जवाब मांगा और कहा कि क्या सरकार का दावा है कि ये आरोप पूरी तरह झूठे हैं। एडवोकेट जनरल ने निर्देश लेने के लिए समय मांगा। बता दें कि बंगाल सरकार की ओर से यह भी दावा है कि शोर प्रदूषण नियमों के तहत कई मंदिरों से भी लाउडस्पीकर हटाए गए हैं।

Updated on:
13 Aug 2026 02:39 pm
Published on:
13 Aug 2026 02:39 pm