
Calcutta High Court Warns DM: कलकत्ता हाईकोर्ट ने उत्तर 24 परगना के जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) को फटकार लगाते हुए अगली सुनवाई पर खुद अदालत में पेश होने का निर्देश दिया है। मामला नयनजुली नहर पर कथित अवैध निर्माण से जुड़ी 2022 की जनहित याचिका का है। कोर्ट ने कहा कि डीएम की ओर से हलफनामा किसी दूसरे अधिकारी ने दाखिल किया, जबकि अदालत ने खुद डीएम को ऐसा करने का निर्देश दिया था। इस पर नाराजगी जताते हुए अदालत ने कहा कि उसके आदेशों की अनदेखी की जा रही है। कोर्ट ने चेतावनी देते हुए कहा 'हमारे धैर्य की परीक्षा मत लीजिए।'
नयनजुली नहर पर अवैध कब्जे और निर्माण की शिकायत लंबे समय से चली आ रही है। याचिकाकर्ताओं की ओर से कहा गया है कि नहर पर बिना अनुमति के निर्माण हो रहा है, जो इलाके के पर्यावरण और आम लोगों की सुविधा दोनों के लिए नुकसानदायक है।
2022 में दाखिल जनहित याचिका में कोर्ट ने कई बार डीएम से रिपोर्ट मांगी थी, लेकिन हर बार डीएम की तरफ से अलग-अलग अधिकारी हलफनामा दाखिल करते रहे। कोर्ट ने इसे गंभीरता से लिया और कहा कि जिम्मेदार अधिकारी खुद जवाबदेह बने, बजाय किसी और को आगे धकेलने के।
अब अगली सुनवाई में डीएम को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में आना होगा। कोर्ट ने साफ कहा है कि अगर आदेशों की पालना नहीं हुई तो आगे सख्त कार्रवाई होगी।
बता दें कि कई वर्षों से नयनजुली नहर के किनारे और उसके अंदर अतिक्रमण हो रहे हैं। लोगों ने घर निर्माण और कचरा डालना आदि शुरू कर दिया, जिससे जल निकाय सिकुड़ रहा है और सूख रहा है।
कुछ जगहों पर इसे हाउसिंग प्रोजेक्ट या अन्य विकास कार्यों के नाम पर भरा जा रहा है। इसके चलते कुछ इलाकों से जल निकासी नहीं हो पा रही है, प्रदूषण भी बेहद रहा है।
साथ ही स्वास्थ्य और पर्यावरण को भी गंभीर खतरा हो रहा है। आगे कोई अतिक्रमण ना हो, इसके लिए सरकार की ओर से लगातार प्रयास किया जा रहा है।